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बड़वानी में मानवता शर्मसार, 5 महीने का भ्रूण मुंह में दबाकर घूमता मिला कुत्ता, भ्रूण पर लगी है अस्पताल की सील

Barwani News

बड़वानी पुलिस

इनपुट- सचिन राठौड़

Barwani News: बड़वानी शहर में शनिवार सुबह एक ऐसी घटना हुई जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया. वार्ड नंबर 21 बृज विहार कॉलोनी में एक आवारा कुत्ता अपने मुंह में 5 महीने के नवजात शिशु का भ्रूण दबाकर सड़कों पर घूम रहा था. कभी दूध डेयरी के पास पटक रहा था तो कभी बाइक के टायरों के बीच ले जाकर खाने की कोशिश कर रहा था. इस दौरान वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया. प्रत्यक्षदर्शी ने बड़ी मुश्किल से भ्रूण को कुत्ते से छुड़ाया. भ्रूण पर अस्पताल की सील मिलने से जिला अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

कुत्ते ने सड़क पर पटका, टायरों के बीच खाने की कोशिश

बृज विहार कॉलोनी निवासी महेश यादव ने बताया कि सुबह 8 बजे से पहले मैं दूध डेयरी और बच्चा वार्ड वाले रास्ते से बाइक पर जा रहा था. देखा कि एक कुत्ता कचरे में कुछ सूंघ रहा है. मुझे लगा कि कचरा खा रहा होगा, इसलिए मैं आगे चाय पीने चला गया. थोड़ी देर बाद उसी कुत्ते ने मेरे सामने ही एक बच्चे को लाकर सड़क पर पटक दिया और खाने की तैयारी करने लगा.

मैं पास गया तो देखा कि वह इंसान के बच्चे का भ्रूण है. मैं उसके पीछे दौड़ा तो वह भ्रूण को मुंह में दबाकर दौड़ते हुए तिरछी पुलिया, चंदू भाई के मकान होते हुए रानीपुरा की तरफ भागा. ट्रैफिक में मैं थोड़ा रुक गया, लोगों से पूछा कि कुत्ता इधर आया क्या? उन्होंने मना किया. फिर देखा तो 5-6 मोटरसाइकिलों के बीच टायर के नीचे पटक कर वह उसे खाने जा रहा था. मैंने हिम्मत कर उसे भगाया और भ्रूण को छुड़ाया. यह करीब 5 महीने का लगता है. वार्ड 21 में ही छोड़ा है. पता नहीं यह कुत्ता अस्पताल से लाया या बाहर कहीं पड़ा मिला. हम माता-बहनों को देवी की तरह पूजते हैं, इस तरह बच्चों को फेंकना बहुत गलत है.

पार्षद बोले- अस्पताल की सील लगी है, बाहर कैसे आया?

वार्ड 21 के पार्षद शंकर कुशवाहा ने बताया कि सुबह 8 बजे महेश यादव ने सूचना दी कि वार्ड में भ्रूण पड़ा है. मैं मौके पर पहुंचा. यह 2 से 3 दिन का भ्रूण है, जिस पर हॉस्पिटल की सील भी लगी हुई है. सबसे बड़ा संदेह यही है कि यह भ्रूण अस्पताल से बाहर आया कैसे? कुत्ता उठाकर लाया तो अस्पताल में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई? इतना छोटा बच्चा तो परिजनों को दिया भी नहीं जाता, या तो आईसीयू में रखा जाता है.

यह बच्चा बाहर कैसे आया और कुत्ते के हत्थे कैसे चढ़ा, यह जांच का विषय है. मैंने तुरंत पुलिस को कॉल किया, पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई है और मामले की जांच कर रही है. मेरा मानना है कि अस्पताल को अपनी व्यवस्था सुधारनी चाहिए और जिसने भी इस भ्रूण को फेंका है, उसे ऐसा नहीं करना चाहिए. बच्चे का जन्म बहुत मुश्किल से होता है.

शहर कोतवाली थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन ने बताया कि सूचना मिलते ही तत्काल कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया गया. प्रारंभिक जांच के अनुसार बच्चे का जन्म किसी शासकीय या निजी अस्पताल में होने की संभावना जताई गई है और पुलिस आसपास के अस्पतालों के रिकॉर्ड व सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है.

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