Burhanpur News: (मोसिम तड़वी की रिपोर्ट) मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में स्थित गरकल अस्पताल का लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन स्वास्थ्य विभाग ने निरस्त कर दिया है. आरोप है कि इसके बाद भी अस्पताल में इलाज किया जा रहा था. आदेश में साफ तौर पर कहा गया था कि नए लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन के बिना हॉस्पिटल किसी मरीज को भर्ती नहीं कर सकता है. इसके साथ ही इलाज नहीं कर सकता है.
क्या है पूरा मामला?
CMHO डॉ. आरके वर्मा ने गरकल अस्पताल निरीक्षण किया. जांच के दौरान गंभीर अव्यवस्था और लापरवाही मिलीं. अस्पताल की पैथोलॉजी लैब बिना पैथोलॉजिस्ट के संचालित हो रही थी. ICU और OT का निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए. इसके अलावा नगर निगम की आवश्यक अनुमतियां नहीं मिलीं. बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण की व्यवस्था भी नियमों के अनुसार नहीं पाई गई.
अस्पताल में मानव संसाधन भी निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं थे. विभाग ने लाइसेंस नवीनीकरण से इनकार करते हुए पंजीयन और लाइसेंस निरस्त कर दिए. इसके साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर नया लाइसेंस एवं पंजीयन प्राप्त किए बिना अस्पताल में मरीजों का उपचार या भर्ती नहीं की जाए.
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अस्पताल संचालक का क्या कहना है?
अस्पताल संचालक डॉ. विजय गरकल ने इस एक्शन को लेकर आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि उनके पास सभी दस्तावेज हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर और पैथोलॉजी हैं ही नहीं. फिर इससे जुड़ी खामियां बताना या दर्शाना गलत है. इसके अलावा डॉक्टर ने कहा कि बिना नोटिस दिए कार्रवाई की गई है.
