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बारिश में जर्जर मकान तोड़ने पहुंची नगर निगम की टीम, महिला ने विरोध किया तो अधिकारी पैर पड़ने लगे

Symbolic picture.

सांकेतिक तस्वीर.

MP News: मानसून ने पूरे मध्य प्रदेश को कवर कर लिया है. लगातार बारिश का दौर जारी है. ऐसे में पुरानी और जर्जर इमारतों को लेकर प्रशासन अलर्ट है. लगातार पुराने मकानों और बिल्डिंग पर बुलडोजर चलाया जा रहा है. इसी क्रम में इंदौर नगर निगम परदेशीपुरा क्षेत्र में एक जर्जर हो चुके मकान को तोड़ने पहुंची थी. कार्रवाई को लेकर नोटिस भी पहले दे दिया गया था. लेकिन जब नगर निगम की टीम पहुंची तो घर के लोग विरोध करने लगे. घर में रहने वाली महिला ने कहा कि किसी भी कीमत पर मकान नहीं तोड़ने देंगे. नौबत इतनी आ गई कि अधिकारी महिला के पैर पड़ने लगे और किसी तरह समझाइश देकर मकान तोड़ने की कार्रवाई की गई.

बुलडोजर कार्रवाई से पहले भावुक नजारा दिखा

पूरा मामला वर्मा नर्सिंग होम के पास स्थित रतिराम खटके का है. यहां शुक्रवार को नगर निगम की टीम जर्जर हो चुके 2 हजार वर्गफीट में बने एक मकान को तोड़ने पहुंची थी. लेकिन टीम के पहुंचते ही घर में रहने वाले लोगों ने विरोध शुरू कर दिया. रिमूवल टीम प्रभारी बबलू कल्याणे ने परिवार को समझाया कि अगर मकान से बाहर नहीं निकले तो किसी भी समय हादसा हो सकता है. बारिश के सीजन में जर्जर हो चुकी दीवार और छत कभी भी ढह सकती हैं. लेकिन परिवार मानने को तैयार ही नहीं हुआ. इस दौरान रिमूवल टीम प्रभारी बबलू कल्याणे ने परिवार की महिला के पैर पकड़ लिए और मकान खाली करने के लिए कहा. इस दौरान माहौल भावुक हो गया. हालांकि काफी देर तक मनाने के बाद महिला और उसका परिवार मान गया.

‘5 साल से लगातार नोटिस दिए जा रहे हैं’

दरअसल महिला का कहना था कि बारिश का मौसम है, ऐसे में इतना सारा सामान लेकर कहां जाएंगे. हालांकि नगर निगम की टीम ने एक दुकान में सामान सुरक्षित रखने के लिए कहा था. नगर निगम की टीम का कहना है कि पिछले 5 सालों से लगातार नोटिस दिया जा रहा है. मकान काफी जर्जर हो चुका था, कभी भी हादसा हो सकता था. लेकिन घरवाले मकान खाली करने को राजी नहीं थे, जिसके बाद शुक्रवार को नगर निगम की टीम दलबल के साथ बुलडोजर कार्रवाई करने पहुंची थी.

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