रिपोर्ट- अंकित बड़ोले, खरगोन
MP News: खरगोन जिले के आदिवासी अंचल भगवानपुरा क्षेत्र से बेहद चिंताजनक तस्वीरें सामने आई हैं. बारिश की शुरुआत के साथ ही कुंदा नदी सहित कई नदी-नाले उफान पर हैं. ऐसे में स्कूली बच्चे और ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर पुल और पुलियाएं पार करने को मजबूर हैं. वहीं, एक यात्री बस का चालक भी रपटे पर पानी बहने के बावजूद यात्रियों की जान जोखिम में डालकर बस को पार कराते हुए नजर आया.
जान जोखिम में डालने को मजबूर स्कूली बच्चे
ये तस्वीरें भगवानपुरा क्षेत्र की हैं, जहां मानसून की पहली ही बारिश के बाद कुंदा नदी और आसपास के नदी-नाले उफान पर हैं. तेज बहाव के बावजूद लोग अपनी जान की परवाह किए बिना पुल और पुलियाएं पार कर रहे हैं. सबसे ज्यादा चिंता उन मासूम बच्चों की है, जो स्कूल पहुंचने के लिए हर दिन मौत के साए में सफर करने को मजबूर हैं.
पीपलझोपा इलाके के राजमोहली गांव की ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिनमें परिजन छोटे-छोटे बच्चों का हाथ पकड़कर उफनती नदी पार कराते नजर आ रहे हैं. वहीं, काबरी-सागमली मार्ग से भी ऐसी ही तस्वीर सामने आई है, जिसमें बैलगाड़ी और बच्चों को पीठ पर बैठाकर बाढ़ग्रस्त पुलिया पार कराई जा रही है.
प्रशासन की अपील और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर
बारिश के दौरान पुल-पुलियाओं पर पानी होने की स्थिति में आवागमन नहीं करने की अपील प्रशासन लगातार कर रहा है. लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग आज भी कई जगह सोशल मीडिया और मोबाइल नेटवर्क की पहुंच से दूर हैं. ऐसे में प्रशासन की अपील उन तक कैसे पहुंचेगी, यह बड़ा सवाल है.
ग्रामीणों का कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें अपनी जान जोखिम में डालकर नदी-नाले पार करने पड़ते हैं. उनका कहना है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में ऐसी ही स्थिति बनती है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है.
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