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MP News: बड़वानी में NEET पेपर लीक के विरोध में अनिश्चितकालीन धरना शुरू, प्रदर्शनकारियों ने की शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

बड़वानी में NEET पेपर लीक के विरोध में अनिश्चितकालीन धरना शुरू

बड़वानी में NEET पेपर लीक के विरोध में अनिश्चितकालीन धरना शुरू

रिपोर्ट – सचिन राठौर

MP News: बड़वानी में NEET-UG सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में अनिश्चितकालीन धरना शुरू हो गया है. यह आंदोलन दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और लद्दाख के पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की 25 दिवसीय भूख हड़ताल के समर्थन में बुधवार रात से शुरू हुआ.

आंदोलन की शुरुआत बुधवार को सांसद गजेंद्र सिंह पटेल के बंगले के बाहर प्रदर्शन के साथ हुई. छात्र संगठनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने देर रात तक जमकर नारेबाजी की. रात करीब 10 बजे प्रदर्शनकारी कारंजा चौराहे स्थित चौपाटी पहुंचे और वहीं धरने पर बैठ गए. गुरुवार सुबह टेंट लगाकर धरना स्थल को स्थायी स्वरूप दिया गया.

दूसरे दिन बढ़ी छात्रों की भागीदारी

धरने के दूसरे दिन गुरुवार को कारंजा चौपाटी पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एकत्र हुए. इस आंदोलन में एनएसयूआई, जयस, विभिन्न छात्र संगठन, कांग्रेस और कई सामाजिक संगठनों ने भागीदारी की. प्रदर्शनकारी “शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो” और “छात्रों पर लाठीचार्ज बंद करो” जैसे नारे लगाते रहे.

महापुरुषों की तस्वीरों के साथ जताया विरोध

प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग वाले पोस्टर, संविधान की प्रति, बिरसा मुंडा और डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीरें रखकर विरोध दर्ज कराया. उन्होंने ढोल-मंजीरे बजाकर भी अपनी आवाज बुलंद की. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हर साल लाखों छात्रों का भविष्य पेपर लीक और परीक्षा में धांधली के कारण अंधकार में चला जाता है.

दिल्ली में लाठीचार्ज की निंदा

प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और छात्राओं के साथ कथित बदसलूकी की कड़ी निंदा की. सीमा वास्कले ने कहा, “यह लड़ाई सिर्फ NEET तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र को बचाने की लड़ाई है. यह अनिश्चितकालीन धरना तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते.”

एनएसयूआई ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष बादल गिरासे ने आरोप लगाया कि सरकार गूंगी-बहरी हो चुकी है और पढ़े-लिखे युवाओं के साथ मारपीट की जा रही है. उन्होंने कहा कि अगर लोकतंत्र में अपनी आवाज उठाने की यही सजा है, तो वे और अधिक मजबूती से अपनी बात रखेंगे.

सांसद बोले- दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने मोबाइल फोन के माध्यम से प्रदर्शनकारी युवाओं से चर्चा की. उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक मामले की जांच सरकार करा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी सरकार गंभीरता से काम कर रही है.

सोनम वांगचुक के समर्थन में भी उठी आवाज

प्रदर्शनकारियों ने लद्दाख के पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के समर्थन में भी अपनी आवाज बुलंद की. उनका कहना था, “सोनम वांगचुक कोई छोटे व्यक्ति नहीं हैं. उन्होंने हमेशा देशहित के लिए संघर्ष किया है. यदि वे 25 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं, तो उसके पीछे निश्चित रूप से कोई गंभीर कारण होगा. हम उनके साथ मजबूती से खड़े हैं.”

सुरक्षा बढ़ाई गई

फिलहाल प्रशासन ने धरना स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है. प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा.

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