Indore News: इंदौर जिले के पशुपालकों के लिए एक शानदार मौका आया है. अगर आपके घर में भारतीय नस्ल की गाय है और वो रोजाना अच्छा दूध देती है, तो आप लाखों रुपए का इनाम जीत सकते हैं. इंदौर जिला प्रशासन ने ऐसे पशुपालकों को सम्मानित करने की योजना बनाई है जो गौ-पालन में बेहतर काम कर रहे हैं.
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, मध्य प्रदेश सरकार की वृंदावन ग्राम योजना के तहत इंदौर में गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना शुरू होने जा रही है. ये योजना 27 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चलेगी. इसमें उन पशुपालकों को पुरस्कृत किया जाएगा, जिनकी गाय सबसे ज्यादा दूध देती है.पशु चिकित्सा सेवाएं विभाग के उप संचालक डॉ. दिनकर राव पाटील ने इस योजना की पूरी जानकारी दी है.
उन्होंने बताया कि जिले के चार गांवों को इसके लिए चुना गया है. इन गांवों में रंगवासा, दतोदा, शिवनी और बनेड़िया शामिल हैं. इन चारों गांवों में अलग-अलग दिन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इसी दौरान पशुपालकों का पंजीयन होगा और उनकी गायों के दूध की जांच की जाएगी.
क्या है शर्त?
इस योजना में शामिल होने के लिए दो शर्तें रखी गई हैं, जिनका पूरा होना बहुत जरूरी है. पहली शर्त ये है कि गाय भारतीय उन्नत नस्ल की होनी चाहिए. दूसरी और सबसे अहम शर्त ये है कि गाय रोजाना कम से कम 6 लीटर दूध देती हो. अगर आपकी गाय 6 लीटर से कम दूध देती है तो आप इस प्रतियोगिता में शामिल नहीं हो पाएंगे.
विभाग की टीम मौके पर ही गाय के दूध का रिकॉर्ड चेक करेगी.हर गांव में 3 लोगों को मिलेगा इनामयोजना के तहत हर चयनित गांव में तीन विजेता चुने जाएंगे. सबसे ज्यादा दूध देने वाली गाय के मालिक को पहला पुरस्कार मिलेगा. दूसरे और तीसरे नंबर पर रहने वाले पशुपालकों को भी सम्मानित किया जाएगा.
- पहला पुरस्कार – 1 लाख रुपए
- दूसरा पुरस्कार – 50 हजार रुपए
- तीसरा पुरस्कार – 25 हजार रुपए
क्यों शुरू की गई ये योजना?
इस योजना को शुरू करने के पीछे सरकार की एक बड़ी सोच है. सरकार चाहती है कि पशुपालक जर्सी या अन्य विदेशी नस्ल की गायों को छोड़कर भारतीय नस्ल की गायों जैसे गिर, साहिवाल, थारपारकर जैसी उन्नत नस्लों को पालें.
अगर आप भी इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो अपने गांव के सरपंच या नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र पर जाकर संपर्क कर सकते हैं. वहां से आपको रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की पूरी जानकारी मिल जाएगी.
