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‘दिग्विजय सिंह के निमंत्रण की मुझे जरूरत नहीं…’, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का पलटवार, जानें मामला

Jyotiraditya Scindia, Digvijay Singh

ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने हाल ही में इंदौर के डेली कॉलेज (Daly College) परिसर में प्रस्तावित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के एक कार्यक्रम को लेकर आपत्ति जताई थी. दरअसल डेली कॉलेज 28 अक्टूबर 2026 को होने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के एक बड़ा कार्यक्रम प्रस्तावित है. इस कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत सहित देश भर के प्रमुख पदाधिकारियों और करीब 1 लाख स्वयंसेवकों के जुटने का दावा किया गया है. इसी को लेकर ये आरोप-प्रत्यारोप का शिलशिला शुरू हुआ है.

दिग्विजय सिंह ने किया आयोजन का विरोध

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह इस आयोजन का विरोध जताते हुए एक बयान जारी किया था जिसमें उन्होंने कहा था कि डेली कॉलेज के प्रेसिडेंट/चेयरमैन विक्रम सिंह पंवार के साथ हुई एक बैठक में यह सहमति बनी थी कि कॉलेज परिसर में राजनीतिक कार्यक्रमों की अनुमति नहीं दी जाएगी. उन्होंने सवाल उठाया कि फिर इस कार्यक्रम को मंजूरी कैसे मिली? उन्होंने मोहन भागवत को पत्र लिखिकर स्थान बदलने की भी मांग की थी.

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया पलटवार

मामले को राजनीतिक हवा तब और मिल गई जब दिग्विजय सिंह ने एक चर्चा के दौरान कहा कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी इस बारे में बात की थी और पूछा था कि “ऐसा आयोजन ग्वालियर के सिंधिया स्कूल में क्यों नहीं कराया जाता?” इसी पर अब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पलटवार किया है. सिंधिया ने कहा “क्या मुझे सच में दिग्विजय सिंह से निमंत्रण की जरूरत है?… उन्हें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि डेली कॉलेज सिंधिया परिवार का संस्थान है; इसे सिंधिया परिवार ने ही स्थापित किया था. दिग्विजय सिंह अक्सर चीजें भूल जाते हैं, इसलिए उन्हें याद दिलाना मेरा काम बन जाता है, ठीक वैसे ही जैसे मैंने 2020 में किया था.”

MITS दौरे पर पहुंचे थे सिंधिया

बता दें कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया माधव इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (MITS) के दौरे थे. इस दौरान उन्होंने कहा, “आज MITS के लिए सचमुच एक ऐतिहासिक दिन है. हम अपने 70वें साल को पूरा करने के करीब हैं, इसलिए बोर्ड ने तय किया है कि इस अहम साल के खत्म होने से पहले ही हमें अगले 70 सालों की नींव रख देनी चाहिए. इसी मकसद से हम एक नया एकेडमिक ब्लॉक.. और 1,500 की क्षमता वाला एक नया ऑडिटोरियम बना रहे हैं. लगभग 70 करोड़ रुपये के निवेश वाली इन परियोजनाओं की आधारशिला आज रखी गई. यह इस ‘डीम्ड यूनिवर्सिटी’ के लिए एक नई शुरुआत है.”

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