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Hanuman Ansh: खंडवा पहुंची हनुमान अंश की एक्ट्रेस नेहा परांजपे, बताए फिल्म के सीक्रेट

Hanuman Ansh

हनुमान अंश

Hanuman Ansh: खंडवा: इन दिनों छोटे बजट की सुपरहिट फिल्म हनुमान अंश की जमकर चर्चा हो रही है. इसी बीच फ़िल्म में माता पार्वती की भूमिका निभाने वाली ऐक्ट्रेस नेहा परांजपे मध्यप्रदेश के खंडवा पहुंचीं थीं. जहां उन्होंने अपनी फिल्म की सफलता का जश्न मनाते हुए मीडिया से खास बातचीत की. वे जहां इस फ़िल्म की गूंज पीएम मोदी तक पहुंचने को लेकर उत्साहित नजर आईं, तो वहीं उनकी इच्छा थी कि पीएम भी ये फ़िल्म देखें.

साथ ही उन्होंने ओटीटी प्लेटफॉर्म पर वल्गर कंटेंट के बीच रिलिजियस एक्सपीरियंस वाली मूवी को किसी दिव्य शक्तियों वाले आम आदमी की मूवी बताते हुए फ़िल्म से जुड़े बुंदेली भाषा के किस्से बताये, और अंधविश्वास और भगवान की भक्ति के बीच का फर्क बताया. एक छोटे बजट की इस धार्मिक और पारिवारिक फिल्म ने जिस तरह से बॉक्स ऑफिस पर सफलता के झंडे गाड़े हैं, उस पर अभिनेत्री नेहा उत्साहित भी नजर आईं.

पीएम मोदी तक पहुंची फिल्म की गूंज

फिल्म हनुमान अंश को मिल रहे अपार प्यार पर खुशी जताते हुए अभिनेत्री नेहा परांजपे ने कहा कि उनकी फिल्म हनुमान अंश 2 साल के बच्चे से लेकर आम आदमी तक को पसंद आ रही है. उन्होंने उम्मीद जताई कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी यह फिल्म देखें और इसके गीत सुनें. प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया पाना फिल्म की पूरी टीम के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी .

कास्टिंग का दिलचस्प किस्सा: बुंदेली भाषा ने दिलाया रोल

फिल्म में अपने और अपने बेटे (विहान) के सिलेक्शन का राज खोलते हुए उन्होंने बताया कि यह सब एक एड शूट के दौरान हुआ. जबलपुर की रहने वाली अभिनेत्री की बातचीत जब लखनऊ के रहने वाले फिल्म मेकर विशाल से हुई, तो उन्होंने बुंदेली भाषा में संवाद किया. नेहा को उस वक्त अंदाजा भी नहीं था कि सफर के दौरान लिया गया यह छोटा सा बुंदेली टेस्ट उन्हें इतनी बड़ी फिल्म में रोल दिला देगा.

नीम करोली बाबा के विचारों से प्रेरित है फिल्म

आजकल जहां बॉलीवुड और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर वल्गर (अश्लील) कंटेंट की भरमार है, ऐसे में एक धार्मिक फिल्म की लोकप्रियता पर बात करते हुए नेहा ने कहा, यह हमारी और आपकी कहानी है. उन्होंने बताया कि यह फिल्म एक ऐसे सामान्य इंसान की कहानी है जिसके पास दिव्य शक्तियां तो हैं, लेकिन कोई अहंकार नहीं है. यह फिल्म महान संत नीम करोली बाबा के विचारों और उनके आसपास के लोगों के जीवन पर पड़े सकारात्मक प्रभाव की कल्पना पर आधारित है. इसमें कोई अवास्तविक चमत्कार नहीं, बल्कि सादगी दिखाई गई है.

यह अंधविश्वास नहीं, बल्कि एक सर्वोच्च शक्ति पर विश्वास है

फिल्म पर अंधविश्वास फैलाने या किसी विशेष भगवान की भक्ति थोपने के सवाल पर उन्होंने बेबाकी से जवाब दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अंधविश्वास बिल्कुल नहीं है. अभिनेत्री के अनुसार, जरूरी नहीं कि हर कोई राम जी या गणेश जी को माने. लेकिन एक सर्वोच्च शक्ति जरूर है, जिस पर हम सब विश्वास करते हैं. जब हम मुश्किल में होते हैं और कहते हैं कि सब अच्छा हो जाए, तो वह उसी शक्ति पर हमारा भरोसा होता है. ऐक्ट्रेस नेहा के अनुसार हनुमान अंश सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय दर्शकों की वह पसन्द है जो आज भी सादगी, आस्था और पारिवारिक मूल्यों को पर्दे पर देखना पसंद करती है.

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