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Indore: आय से अधिक संपत्ति मामले में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री के 9 ठिकानों पर छापा

Action taken against the electricity company's Superintending Engineer.

बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री पर कार्रवाई

Indore News: इंदौर में लोकायुक्त ने बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए आय से 258% अधिक संपत्ति के मामले में एक साथ 9 ठिकानों पर छापेमारी की है. इंदौर, पीथमपुर, धार और मुरैना में लोकायुक्त की टीमें लगातार सर्च अभियान चला रही हैं. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है. कार्रवाई के दौरान कई डीएसपी और निरीक्षकों की टीम मौके पर मौजूद है.

सिलिकॉन सिटी का आलीशान बंगला रडार पर

लोकायुक्त की जांच में इंदौर की सिलिकॉन सिटी स्थित करीब 1.20 करोड़ रुपये मूल्य का तीन मंजिला आलीशान बंगला सामने आया है. इसके अलावा ओमैक्स सिटी का एक प्लॉट, महिंद्रा इलेक्ट्रिक कार, एयरपोर्ट रोड और देवास नाका स्थित कार्यालय समेत कई व्यावसायिक संपत्तियां भी जांच के दायरे में हैं. इन सभी संपत्तियों के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है.

फैक्ट्रियों और निवेश की पड़ताल

जांच के दौरान पीथमपुर और धार में ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली कई फैक्ट्रियों का भी पता चला है. शुभम इलेक्ट्रिकल, कर्निश पावरजोन, एस.एस. इलेक्ट्रिकल्स और कृष्णा पावर समेत कई फर्मों में करोड़ों रुपये के निवेश की जानकारी सामने आई है. लोकायुक्त की टीम इन निवेशों के स्रोत और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है. साथ ही पत्नी, बेटों, बहू और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर दर्ज संपत्तियों और फैक्ट्रियों की भी पड़ताल जारी है.

मुरैना तक फैली संपत्तियों की जांच

लोकायुक्त की कार्रवाई केवल इंदौर तक सीमित नहीं है. मुरैना में स्थित दो मंजिला मकान सहित इंदौर, पीथमपुर, धार और मुरैना में फैली करोड़ों रुपये की संपत्तियों की जांच की जा रही है. प्रारंभिक जांच में करीब 6.50 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों और निवेश का खुलासा हुआ है. टीम सभी दस्तावेजों का मिलान कर वास्तविक स्वामित्व और निवेश के स्रोत की पुष्टि कर रही है.

258% आय से अधिक संपत्ति का मामला

लोकायुक्त के अनुसार शिवराम सेमिल ने 33 साल की नौकरी के दौरान करीब 2 करोड़ रुपये की वैध आय अर्जित की, जबकि अब तक लगभग 7.16 करोड़ रुपये से अधिक के व्यय और संपत्तियों का खुलासा हो चुका है. यह उनकी वैध आय से करीब 258% अधिक है. इसी आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है. फिलहाल सभी 9 ठिकानों पर सर्च कार्रवाई जारी है और लोकायुक्त की टीम दस्तावेजों, निवेश और संपत्तियों की विस्तृत जांच में जुटी हुई है.

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