MP News: रेलवे की लापरवाही से 20 हजार से ज्यादा लोगों की मुश्‍किलें बरकरार, 13 साल से अधूरा रेलवे ओवरब्रिज, मामला PMO पहुंचा

MP News: लालबाग और चिंचाला को जोड़ने के उद्देश्य से करीब 13 वर्ष पहले शुरू किया गया रेलवे ओवरब्रिज आज भी अधूरा है. इसके चलते क्षेत्र की 20 हजार से अधिक आबादी को रोजाना आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
Burhanpur Lalbagh Overbridge

बुरहानपुर लालबाग ओवरब्रिज

MP News: बुरहानपुर में लालबाग और चिंचाला को जोड़ने के उद्देश्य से करीब 13 वर्ष पहले शुरू किया गया रेलवे ओवरब्रिज आज भी अधूरा है. इसके चलते क्षेत्र की 20 हजार से अधिक आबादी को रोजाना आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. बारिश के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते हैं, जब चिंचाला क्षेत्र के लोग घंटों तक अपने ही घरों में रहने को मजबूर हो जाते हैं.

निर्माण लागत तीन गुना से अधिक बढ़ी

इस रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण वर्ष 2013 में शुरू हुआ था. उस समय इसकी अनुमानित लागत करीब 15 करोड़ रुपये तय की गई थी, लेकिन लगातार निर्माण कार्य में देरी होने से लागत बढ़ती चली गई. करीब दो वर्ष पहले यह राशि 46 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी, जबकि अब परियोजना की लागत 50 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है. कई बार जिला प्रशासन और रेलवे अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद जब निर्माण कार्य में तेजी नहीं आई, तो क्षेत्रवासियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है.

रेलवे के हिस्से का निर्माण अब भी बाकी

ओवरब्रिज का राज्य सरकार के हिस्से का निर्माण कार्य, जिसमें दोनों ओर के एप्रोच ब्रिज शामिल हैं, सेतु निगम कई वर्ष पहले पूरा कर चुका है. हालांकि रेलवे के हिस्से का निर्माण अब तक अधूरा है. पहले संबंधित ठेकेदार ने हैदराबाद से गर्डर तैयार होने में देरी की बात कही थी, जबकि अब भिलाई से गर्डर उपलब्ध नहीं होने का कारण बताया जा रहा है. रेलवे अधिकारी भी यह स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं कि पुल का निर्माण आखिर कब तक पूरा होगा. हालांकि उनका कहना है कि इस वर्ष निर्माण कार्य पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है.

बारिश में कट जाता है संपर्क

चिंचाला क्षेत्र के लोगों के लिए शहर आने-जाने का फिलहाल रेलवे पुलिया ही एकमात्र रास्ता है. तेज बारिश के दौरान इस पुलिया में चार फीट से अधिक पानी भर जाता है, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है. ऐसी स्थिति में लोगों को घंटों तक इंतजार करना पड़ता है. बरसात के मौसम में मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाना चुनौती बन जाता है. वहीं स्कूली बच्चों, किसानों और आम नागरिकों को भी रोजमर्रा के कामकाज में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

अंडरपास की घोषणा भी कागजों में सिमटी

क्षेत्र के लोगों को वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने के लिए सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने सिंगल मारुति मंदिर के पास रेलवे अंडरपास बनाने की घोषणा भी की थी. इस संबंध में रेलवे अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण किया, लेकिन इसके बाद परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी. स्थानीय लोग कई बार सांसद और विधायक के समक्ष यह मुद्दा उठा चुके हैं, लेकिन अब तक अंडरपास निर्माण का काम शुरू नहीं हो पाया है.

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