Vistaar NEWS

MP News: सावन लगते ही बदल जाएंगे ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग दर्शन के नियम, मंदिर जाने का बना रहे है प्लान तो जान लें नया अपडेट

Omkareshwar Jyotirlinga

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग

रिपोर्ट – घनश्याम माहिल्या

MP News: सावन माह में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर की दर्शन व्यवस्था और नगर की यातायात प्रणाली में व्यापक बदलाव किए जा रहे हैं. बुधवार शाम पुलिस कंट्रोल रूम, ओंकारेश्वर में आयोजित बैठक में कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि नई व्यवस्था अगले दो-तीन दिनों में लागू कर दी जाएगी. इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराना है.

सामान्य श्रद्धालुओं के लिए नई प्रवेश व्यवस्था

नई व्यवस्था के तहत सामान्य श्रद्धालुओं का प्रवेश सुखदेव मुनि द्वार से होगा. यहां से श्रद्धालु सीढ़ियों के माध्यम से मंदिर पहुंचेंगे और गर्भगृह से लगभग 10 फीट की दूरी से भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन करेंगे. दर्शन के बाद श्रद्धालु चांदी गेट से बाहर निकलकर झूला पुल मार्ग से निकासी करेंगे, ताकि दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रहे और भीड़ का दबाव कम किया जा सके.

शीघ्र दर्शन और प्रोटोकॉल श्रद्धालुओं के लिए अलग मार्ग

शीघ्र दर्शन और प्रोटोकॉल श्रेणी के श्रद्धालुओं के लिए अलग प्रवेश मार्ग निर्धारित किया गया है. वर्तमान एग्जिट गेट को प्रोटोकॉल प्रवेश द्वार बनाया जाएगा. इस मार्ग से प्रवेश करने वाले श्रद्धालु दर्शन के बाद लकड़ी गेट से बाहर निकलेंगे. प्रशासन का मानना है कि अलग-अलग प्रवेश और निकासी व्यवस्था से भीड़ प्रबंधन अधिक प्रभावी होगा और सभी श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सकेगी.

पूरे नगर में लागू होगी वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था

सावन के दौरान पूरे नगर में वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू रहेगी. बाहरी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा और सभी वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करना होगा. इसके अलावा प्रोटोकॉल और शीघ्र दर्शन के टिकट काउंटरों को ब्रह्मपुरी पार्किंग क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाएगा. प्रशासन के अनुसार नई व्यवस्था का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन उपलब्ध कराना है, ताकि सावन के दौरान बढ़ने वाली भीड़ के बावजूद व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित की जा सकें.

ये भी पढे़ं- महाकाल के दरबार में चढ़े दुनिया के सबसे महंगे आम! 2.70 लाख रुपये किलो का मियाजाकी बना श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र

Exit mobile version