Indore News: इंदौर के बंगाली चौराहा से पीपल्याहाना के बीच बने RE-2 (रोड) के करीब एक किलोमीटर लंबे अधूरे हिस्से का काम पूरा कराने के लिए मंगलवार सुबह करीब 11 बजे से नगर निगम और प्रशासन की टीम ने बाधक निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू की है. टीम जेसीबी, पीकलेन और पुलिस बल के साथ शहर के बिचौली कांकड़, शिव नगर, और शिव दर्शन नगर पहुंची. प्रशासन की इस कार्रवाई का लोगों ने विरोध किया, फिर इसके बाद रिमूवल टीम और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया.
पथराव के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. पुलिस ने प्लास्टिक पाइप से लोगों को खदेड़ना शुरू कर दिया, तब स्थिति को नियंत्रित किया गया. पथराव में दो लोगों को गंभीर चोटें भी आई हैं. सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती किया गया. मामले में पुलिस ने दो आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया है.
1 किमी का हिस्सा अधूरा
एसडीएम घनश्याम नगर ने बताया कि RE-2 रोड की पूरी लंबाई 4.25 किमी और चौड़ाई 45 मीटर है. वहीं इसमें 3.20 किमी सड़का का निर्माण हो चुका है, लेकिन करीब 1 किलोमीटर का हिस्सा तीन साल से अधूरा है. प्रोजेक्ट पर करीब 55 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं. इस सड़क के निर्माण के दौरान रास्ते में कुल सात बस्तियां बाधक हैं.
325 परिवारों को किया गया शिफ्ट
शहर के पिपलियाहाना-बिचौली कांकड़ इलाके में करीब 325 परिवारों को पहले ही शिफ्ट कर दिया गया है. इसमें से 303 परिवार आवासीय प्रकोष्ठों मे निवास कर रहे हैं. कोर्ट के स्थगन आदेश के बाद 22 मकानों को नहीं हटाया गया था. कोर्ट के निर्णय के बाद यह के मकान मालिकों को आवास दिए गए और 15 दिन का नोटिस भी दिया गया है. इसके साथ ही 22 मकानों के अलावा बने 58 अवैध कच्छे झोपड़ी को हटाया जा चुका है.
इसके साथ ही शांति नगर में पंचमुखी हनुमान नायता रोड, स्कंदधाम कॉलोनी और आटीओ के पास की बस्ती में रहने वाले परिवारों को भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नीलगिरि परिसर में बने मकानों में शिफ्ट कर दिया गया है.
शिव नगर और शिव दर्शन नगर के मकान की बारी
अब शिव नगर में 80 मकानों में रह रहे 117 परिवार और शिव दर्शन नगर में बने 55 मकानों में 72 परिवार रह रहे हैं. इनको भी नीलगिरी परिसर में शिफ्ट किया जाना है. नियम के मुताबिक, बाधाएं हटने के बाद RE-2 रोड के बीच हिस्से का निर्माण शुरू कराया जाएगा.
इस पूरी सड़क के निर्माण से भूरी टेकरी, पीपल्याहाना, बंगाली और नायता मुंडला आरटीओ इलाके को वैकल्पिक कनेक्टिविटी मिलेगी. इससे आवागमन भी आसान होगा और सभी मुख्य मार्गों पर टैफिक का दबाव भी कम हो सकता है.
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