Input- जफर अली
MP News: धार जिले के बदनावर कस्बे में 2 जून व 3 जून 2026 की दरमियानी रात हुई बड़ी नकबजनी और चोरी का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है. धार पुलिस को इस मामले में बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने राजस्थान के गलियाकोट के सिकलीगर गिरोह के 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 40 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी बरामद की है.
ताला तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था
थाना बदनावर पर फरियादी महक पिता राजेश अग्रवाल निवासी जवाहर मार्ग बदनावर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात बदमाशों ने घर के बाहर मुख्य द्वार पर लगे ताले को तोड़कर घर में घुसकर लाखों के कैश और जेवर चोरी कर लिए थे. अलमारी से लक्ष्मी माता की मूर्ति, सोने के कंगन, सोने की पोची, सोने की दो चेन, सोने में लगा हुआ मोती का हार सेट, सोने की अंगूठी, सोने कि कान के बालिया व झुमकी, सोने के चार कुर्ते के बटन व चांदी के चार पुजा के लोटे, चांदी के ग्लास, चांदी कि कटोरिया व प्लेट, चांदी के पैर में पहनने वाले आयल रेट, चांदी कि चार जोड़ी पायल, चांदी कि इत्र दानी, चांदी के सिक्के और 1.5 लाख रुपये नकदी चुरा ली. जिसके बाद पुलिस ने अपराध क्रमांक 287/2026 धारा 331(4), 305(ए) बीएनएस का पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की थी.
SP सचिन शर्मा ने SIT गठित की थी
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धार सचिन शर्मा द्वारा तत्काल मौके पर आकर घटनास्थल का निरीक्षण किया. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उत्तर पारुल वेलापुरकर के नेतृत्व में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अरविन्द सिंह तोमर के नेतृत्व में घटना की पतारसी हेतु एसआईटी का गठन किया गया.
टीम द्वारा कस्बा बदनावर तथा लेबड़, नयागांव हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों का लगातार निरीक्षण किया गया. जांच में पाया गया कि आरोपियों द्वारा अपराध क्रमांक 288/2026 में चोरी की गई पल्सर मोटर सायकिल को घटनास्थल के पास पेट्रोल पम्प के पीछे खेत में छोड़ा गया एवं वहां से फरार हो गए.
चेकिंग के दौरान पकड़े गए बदमाश
टोल बैरियर पर इंदौर एवं नीमच की ओर जाने वाले लोक परिवहन वाहन व बसों को चेक किया गया. इसी दौरान एक संदिग्ध स्विफ्ट कार क्रमांक RJ03CB1664 की उपस्थिति घटनास्थल के पास घटना के समय होना पाई गई. लगातार नीमच रोड पर बने टोल एवं सीसीटीवी कैमरों पर सर्विंग की गई तो उसका रतलाम, नामली, जावरा होकर पिपलोदा, प्रतापगढ़ जाना पाया गया.
ग्राम अरनोद कस्बे में इनके द्वारा उक्त वाहन का नम्बर प्लेट बदलकर GJ27EH6051 लगा दी गई. जिससे यह वाहन आरोपी रघुवीर पिता पर्वत सिंह निवासी गलियाकोट के नाम पर पाया गया. गलियाकोट जाकर तलाश करते उक्त व्यक्ति को फरार पाया गया.
आदतन अपराधी है पूरा परिवार
स्थानीय पुलिस और मुखबिर से ज्ञात हुआ कि रघुवीर एवं पर्वत सिंह का पूरा परिवार और इनके रिश्तेदार चोरी एवं नकबजनी की घटनाओं के आदतन अपराधी हैं और इनकी तलाश दिल्ली, राजस्थान, गुजरात एवं मध्य प्रदेश पुलिस को रहती है.
इनकी तलाश के लिए मुखबिर तंत्र को स्थानीय स्तर पर लगाया गया और डूंगरपुर, गलियाकोट, नडियाद एवं बड़ौदा में इनकी तलाश संभावित स्थानों एवं रिश्तेदारी में करने पर मुखबिर से विश्वसनीय सूचना ज्ञात हुई कि यह घटना आरोपीगण द्वारा की गई है. जिसके बाद तत्काल दबिश देकर इन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. जिसमें उनके द्वारा दिनांक 02.06.2026 को बदनावर में चोरी करना स्वीकार किया. आरोपियों की पहचान आनन्द सिंह पिता पर्वत सिंह सिकलीकर, बलवीर सिंह पिता पर्वत सिंह सिकलीकर, पर्वत सिंह पिता जाम सिंह सिकलीकर, भूरीबाई पति पर्वत सिंह सिकलीकर, अमर सिंह पिता लाल सिंह सिकलीकर शामिल हैं. सभी निवासी ग्राम गलियाकोट थाना वितरी राजस्थान के रहने वाले हैं. जबकि मामले में शामिल दो आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं.
चोरों का खुलासा करने वाली टीम में ये पुलिसकर्मी शामिल थे
निरीक्षक अमित सिंह कुशवाह, उप निरीक्षक विजय मिश्रा, उप निरीक्षक हिना जोशी, उप निरीक्षक श्वेता प्रजापत, उप निरीक्षक प्रशांत गुंजाल, सउनि चंद्रपालसिंह राजावत, सउनि दिनेश सिसोदिया, प्रआर अनिल द्विवेदी, प्रआर राजपाल चुंडावत, प्रआर बलराम, प्रआर सुरज तिवारी, प्रआर सर्वेशसिंह, आरक्षक धर्मेन्द्र राजावत, आर सचिन जाट, आरक्षक रोहित, आरक्षक तरुण, आरक्षक भानु, आरक्षक दिलीप, आरक्षक शुभम जादोन, आरक्षक प्रशांत चौहान तथा जिला पुलिस बल रतलाम के सउनि प्रदीप शर्मा का इस उपलब्धी में उल्लेखनीय योगदान रहा.
ये भी पढे़ं: ‘ऐसे ही डॉक्टर मुन्ना भाई बनते हैं’, NEET री-एग्जाम पर छात्रा और पिता का छलका दर्द
