Raja Raghuvanshi Murder Case: इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी सोनम की जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सोनम को दो विकल्प दिए हैं. इसमें कोर्ट ने सोनम के वकील से कहा है कि या तो सोनम खुद सरेंडर कर दें, या फिर कोर्ट विस्तृत सुनवाई करके जमानत रद्द करने का फैसला लेंगे.
‘सोनम के सरेंडर के बाद पुनर्विचार किया जा सकता है’
मेघालय हाई कोर्ट के सोनम रघुवंशी के जमानत देने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने कहा कि गवाहों के बयान दर्ज होने तक सोनम रघुवंशी खुद सरेंडर कर दें, तो हम जमानत पर पुनर्विचार कर सकते हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दो ही विकल्प हैं, या तो गवाहों के बयान होने तक सोनम सरेंडर करें. या फिर हम मेरिट के आधार पर विचार करते हुए सोनम की जमानत रद्द करने का फैसला लें.
सोनम ने कहा था- मुझे नहीं पता कि गिरफ्तार क्यों किया
राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम ने गिरफ्तारी के खिलाफ शिलॉन्ग कोर्ट में याचिका लगा ई थी. इसमें सोनम के वकील ने बताया था कि सोनम को पता ही नहीं है कि उसे गिरफ्तार क्यों किया गया है. दरअसल चार्जशीट में टाइपिंग मिस्टेक के कारण बीएनएस की धारा 103 की जगह 403 हो गया था. जिसको आधार बनाकर सोनम के वकील ने कोर्ट में याचिका डालते हुए कहा था कि पुलिस ने चार्जशीट में धारा 403 लगाई है. जबकि बीएनएस में ऐसी कोई धारा है ही नहीं. इसलिए सोनम को पता ही नहीं है कि उसे किस अपराध में गिरफ्तार किया गया है.
सोनम की याचिका पर सुनवाई करते हुए शिलॉन्ग कोर्ट ने सोनम को जमानत दे दी थी. जिसके विरोध मे शिलॉन्ग पुलिस ने मेघालय हाई कोर्ट में याचिका लगाई लेकिन हाई कोर्ट ने भी जिला कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा था. जिसके बाद शिलॉन्ग पुलिस ने हाई कोर्ट का रुख किया था.
‘सोनम को पता है कि उसे क्यों गिरफ्तार किया गया’
वहीं हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि सोनम को अच्छी तरह पता था कि उसे गिरफ्तार क्यों किया गया है. राजा रघुवंशी हत्याकांड में सोनम मुख्य आरोपी है, वहीं सह आरोपी राज कुशवाहा की गिरफ्तारी के बाद सोनम ने सरेंडर किया था.
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