Vistaar NEWS

‘अपना हक जानते हैं..’, कलेक्ट्रेट के लिए 62 किमी पैदल निकले जेन अल्‍फा, प्रशासन के छूटे पसीने

Performance of Jail Alpha

जेल अल्‍फा का प्रदर्शन

MP News: देशभर में प्रदर्शन का दौर चल रहा है. ऐसे में जेन अल्‍फा अपने स्‍कूलों की समस्‍याओं को लेकर लगातार धरने पर बैठ रहे हैं. ऐसा ही एक मामला बड़वानी के सेंधवा से आ रहा है, जहां जेन अल्‍फा का प्रोटेस्‍ट शुरू हो गया है. सोमवार दोपहर करीब 12 बजे एकलव्‍य आदर्श विद्यालय जामली के छात्र-छात्राएं अपनी समस्‍याओं को लेकर कलेक्टर से मिलने करीब 62 किलोमीटर दूर बड़वानी के लिए पैदल मार्च करने निकल गए हैं.

छात्रों ने हाथों में किताबें नहीं ली है, बल्कि अपने अधिकारों की मांग से जुड़े पोस्‍टर साथ लिए हैं. बताया जा रहा है कि पुलिस और प्रशासन ने उन्‍हें सेंधवा से करीब 18 किलोमीटर की दूरी पर रास्‍ते में ही रोक लिया है.

छात्रों की मांग है कि, हम गूगल पर दूनिया देखते हैं, हम जानते हैं कि हमारा हक क्या है. छात्रों का ये भी कहना है कि वे अब किसी भी प्रकार की डांट सुनकर चुप नहीं बैठेंगे और अपनी समस्‍याओं का समाधान चाहते हैं.

जेन अल्‍फा का आरोप

इस लंबे सफर पर आगे बढ़ रहे जेन अल्‍फा का आरोप है कि हॉस्‍टल में उन्‍हें पानी जैसी बेसिक सुविधाएं भी नहीं मिल पर रही हैं. जिसमें स्‍मार्ट क्लास, साफ पानी और अच्‍छा खाना शामिल है. इतना ही नहीं उनका कहना है कि उन्‍हें प्रताड़‍ित करके उनकी जाति से बुलाया जाता है. छात्रों ने ये भी कहा कि वे इन सभी समस्‍याओं को बर्दाश्‍त नहीं करेंगे.

अधिकारी जेन अल्‍फा को मनाने में जुटे

छात्रों के इस पैदल मार्च की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया. एसडीएम, एसडीओपी और तहसीलदार समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंच गए. उन्‍होंने छात्रों को समझाने और उन्‍हें रोकने का पूरा प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी बात अधि‍कारियों के सामने रखना चाहते थे.

जेन अल्‍फा तय करने लगे है जवाबदेही

प्रशासनिक अमले से आए अधिकारियों ने छात्रों को जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया. जेल अल्‍फा का यह प्रदर्शन अदिवासी छात्रों में आए बदलाव को दर्शाती है. इस प्रकार के प्रदर्शन अब बता रहे हैं कि जेन अल्फा अपनी समस्‍याओं को लेकर खुलकर आवाज उठा सकते हैं और सिस्‍टम की जवाबदेही तय करने की मांग कर सकते हैं.

ये भी पढे़ं- क्या MP में इथेनॉल की वजह से गरीबों की चीनी पर आफत? 12 लाख अंत्योदय परिवारों की शक्कर बंद

Exit mobile version