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Jabalpur: बरगी बांध क्रूज हादसे की होगी न्यायिक जांच, रिटायर्ड जस्टिस संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में आयोग गठित

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जबलपुर क्रूज हादसा

Jabalpur: जबलपुर के बरगी बांध में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश जारी कर दिए हैं. सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 10 मई 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्य शासन ने उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय जांच आयोग गठित किया है.

लापरवाही की होगी विस्तृत जांच

सरकार ने यह कार्रवाई राज्य शासन जांच आयोग अधिनियम 1952 की धारा 3 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए की है. आयोग बरगी बांध में हुई क्रूज दुर्घटना के कारणों, जिम्मेदार व्यक्तियों तथा सुरक्षा प्रबंधन में हुई संभावित लापरवाही की विस्तृत जांच करेगा.

अधिसूचना के मुताबिक जांच आयोग को कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. आयोग दुर्घटना के कारणों की जांच कर उत्तरदायित्व तय करेगा. साथ ही दुर्घटना के दौरान और उसके बाद किए गए बचाव एवं राहत कार्यों की समीक्षा भी करेगा.

सुरक्षा व्यवस्थाओं का ऑडिट करेगा आयोग

इसके अलावा आयोग प्रदेश में संचालित सभी नौकाओं, क्रूज और जल क्रीड़ा गतिविधियों के संचालन एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का ऑडिट करेगा. आयोग “इनलैंड वेसल एक्ट 2021” तथा “एमपीएम बोट सेफ्टी गाइडलाइंस 2017” के अनुरूप जलयानों के प्रमाणीकरण और संचालन की व्यवस्था की भी जांच करेगा.

सरकार ने आयोग को राज्य में क्रूज, नौकाओं और जल क्रीड़ा गतिविधियों के संचालन एवं रखरखाव के लिए एक समान मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने का दायित्व भी दिया है. साथ ही जिन स्थानों पर नागरिक जल परिवहन, नौका, क्रूज और जल क्रीड़ा गतिविधियां संचालित हो रही हैं, वहां त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्विक रिस्पांस टीम) गठित करने की व्यवस्था पर भी सुझाव मांगे गए हैं.

3 महीने के भीतर सौंपनी होगी रिपोर्ट

अधिसूचना के अनुसार आयोग को राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से तीन माह के भीतर अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट राज्य शासन को सौंपनी होगी.

गौरतलब है कि बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे के बाद सुरक्षा मानकों और जल पर्यटन गतिविधियों को लेकर गंभीर सवाल उठे थे. घटना के बाद से ही विपक्ष और सामाजिक संगठनों द्वारा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई तथा व्यापक जांच की मांग की जा रही थी.

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