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दमोह में विकास के दावे कीचड़ में मुंह के बल गिरे! बदहाल सड़कों के बाद 2 मंत्रियों वाले जिले में लोगों का गुस्सा फूटा

People anger erupted after mud appeared on the roads in Damoh.

दमोह में सड़कों पर कीचड़ के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा.

Input- अर्पित बड़कुल

MP News: दो-दो राज्यमंत्रियों के गृह जिले में विकास ऐसे दलदल में धंसा कि बाहर ही नहीं निकल पाया. जहां सड़क होनी चाहिए थी, वहां कीचड़ का साम्राज्य है, और जहां जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही होनी चाहिए थी, वहां सिर्फ आश्वासनों की गूंज सुनाई दे रही है. दमोह के फुटेरा कला गांव में बदहाल सड़क और गंदगी से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा.

अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों से शिकायत के बाद भी कुछ नहीं हुआ

मामला दमोह जिले की बटियागढ़ जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत फुटेरा कला का है. जहां विकास के बड़े-बड़े दावे कीचड़ में मुंह के बल गिरते नजर आ रहे हैं. हल्की सी बारिश होते ही पूरी बस्ती दलदल में तब्दील हो जाती है. सड़कें नहीं, मानो कीचड़ के तालाब बन गए हों. हर कदम पर फिसलने का डर और हर गली में गंदगी का अंबार.

ग्रामीणों का आरोप है कि इस नरक जैसी जिंदगी की शिकायत न जाने कितनी बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से की गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला. सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है. मासूम बच्चे रोज कीचड़ में गिरते-पड़ते स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं.

‘हमारे बच्चों का भविष्य कीचड़ में फंस गया है’

ग्रामीणों ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, ‘जनप्रतिनिधियों के बच्चों को इस रास्ते से नहीं गुजरना पड़ता. वो तो बड़े शहरों और विदेशों में पढ़ते हैं. लेकिन हमारे बच्चों का भविष्य इसी कीचड़ में फंस गया है.’

फुटेरा कला की ये तस्वीरें सिर्फ एक गांव की कहानी नहीं, बल्कि उन तमाम दावों पर बड़ा सवाल हैं, जिनमें विकास की लंबी-लंबी बातें की जाती हैं. अब देखना होगा कि प्रशासन इस दलदल से गांव को बाहर निकालता है. या फिर ग्रामीणों को ऐसे ही कीचड़ में जिंदगी गुजारनी पड़ेगी.

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