दमोह के सरकारी आवास में मृत मिले CEO, पोस्टमार्टम से होगा मौत का खुलासा, कैबिनेट मंत्री ने जताया शोक
तेंदूखेड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) मनीष बागरी का आकस्मिक निधन
Damoh News: मध्य प्रदेश के दमोह से सुबह-सुबह एक बेहद दुखद खबर सामने आई. जहां जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) मनीष बागरी का आकस्मिक निधन हो गया. उनके निधन की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमले, जनप्रतिनिधियों और पूरे नगर में शोक की लहर दौड़ गई.
अस्पताल पहुंचे मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार की जनसुनवाई के बाद मनीष बागरी अपने सरकारी आवास पर ही रुके थे. बुधवार सुबह करीब 10:20 बजे कार्यालय का चपरासी रोज की तरह चाय देने उनके कमरे के बाहर पहुंचा. कई बार आवाज लगाने के बावजूद अंदर से कोई जवाब नहीं मिला. संदेह होने पर कमरे में पहुंचकर देखा तो सीईओ अचेत अवस्था में मिले.
इसके बाद मनरेगा अधिकारी राहुल गांगरा सहित अन्य कर्मचारियों ने उन्हें तत्काल तेंदूखेड़ा शासकीय अस्पताल पहुंचाया, जहां सुबह करीब 11 बजे डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना की सूचना पर संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री धर्मेद्र सिंह लोधी अस्पताल पंहुचे. जहां उन्होंने शोकाकुल परिवार के प्रति शौक संवेदनाएं व्यक्त की.
दमोह जिले की जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मनीष बागरी जी के आकस्मिक और अत्यंत दुखद निधन का समाचार प्राप्त हुआ।
— Prahlad Singh Patel ( वृक्ष से जल, जल से जीवन) (@prahladspatel) July 1, 2026
श्री मनीष जी युवा, कर्मठ और सक्रिय अधिकारी थे, जिन्होंने अपने शासकीय दायित्वों का हमेशा पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन किया। उनका इस प्रकार असमय… pic.twitter.com/5pFdntcDV5
तेंदुखेड़ा से था विशेष नाता
मनीष बागरी का तेंदूखेड़ा से विशेष जुड़ाव रहा. उन्होंने वर्ष 2016 में पहली बार जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा के सीईओ के रूप में पदभार संभाला था. वर्ष 2019 में उनका स्थानांतरण हुआ, लेकिन वर्ष 2023 में उनकी दोबारा तेंदूखेड़ा में पदस्थापना हुई. अपने कार्यकाल में उन्होंने विकास कार्यों, प्रशासनिक व्यवस्था और जनसमस्याओं के निराकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उनकी सरल कार्यशैली और मिलनसार स्वभाव के कारण अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिकों के बीच उनकी अलग पहचान थी.
कैबिनेट मंत्री ने जताया दुख
अचानक हुए इस निधन से जनपद पंचायत कार्यालय में मातम पसरा हुआ है.कर्मचारियों की आंखें नम हैं और पूरे नगर में शोक का माहौल है.प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे प्रशासन के लिए अपूरणीय क्षति बताया है. कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने दुख प्रकट किया है. फिलहाल, उनकी मृत्यु के कारणों का आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है.पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है, और पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी.