Jabalpur Balancing Rock Threat: मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले से बड़ी खबर आ रही है. जहां की सालों से फेमस नेचुरल हेरिटेज बैलेंसिंग रॉक को कवर कर रही सरकारी जमीन का हिस्सा बिल्कुल कम हो गया है. अब इसे लेकर चिंताजनक खबर सामने आ रही है. बैलेंसिंग रॉक के पास अब बिल्डिंगें कंसट्र्क्ट कराई जा रही हैं. जिससे बैलेंसिंग रॉक के बैलेंस को लेकर खतरा मंडरा रहा है.
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में मदन महल किले के पास स्थित प्रसिद्ध प्राकृतिक भूवैज्ञानिक संरचना बैलेंसिग रॉक जाना-माना पर्यटन स्थल है. जो लोग भी घूमने आते हैं, वे इस जगह भी जाना पसंद करते हैं. पर अब बैलेंसिंग रॉक पर अतिक्रमण का खतरा मंडरा रहा है. करीब 2000 साल पुराने स्ट्रक्चर के पास बहुमंजिला निर्माण कार्य किया जा रहा है.
सामाजिक कार्यकर्ता डॉक्टर पीजी नाजपांडे का दावा है कि साल 1910 के राजस्व रिकॉर्ड में खसरा नंबर 194 की 30 एकड़ जमीन सरकारी दर्ज थी, लेकिन धीरे-धीरे कब्जा बढ़ाने के लिए सरकारी जमीन कम होती गई हैं. उनके मुताबिक, बैलेंसिंग रॉक के रेडियस पर केवल 0.8 हेक्टेयर सरकारी जमीन बची है. सवाल अभी भी यही है कि, बैलेंसिग रॉक के पास निर्माण की परमिशन कैसे और किन मायनों पर दी जा रही है.
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विभाग आपस में खेल रहे इंजाम का खेल
बैलेंसिंग रॉक की सुरक्षा किस विभाग की है यह भी एक बड़ा सवाल है. पूछने पर अलग ही जानकारी सामने आई. पर्यटन विभाग इसे पुरातत्व विभाग की जिम्मेदारी बता रहा है, जबकि पुरातत्व विभाग का कहना है कि, बैलेंसिंग रॉक उनके विभाग के अधीन नहीं आता है. वहीं, नगर निगम के एक अधिकारी ने कहा है कि, उन्हें आसपास हो रहे निर्माण की जानकारी ही नहीं है.
भूकंप भी नहीं हिला सका था चट्टान
गौरतलब है कि, बैलेंसिंग रॉक सालों से ऐसे ही एक दूसरे पर टिके हुए हैं. साल 1935 में आए भूकंप में भी रॉक बिल्कुल इधर से उधर नहीं हुए हैं. सामाजिक कार्यकर्ता ने अब प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर निर्माण और जमीन के रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है.
