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Jabalpur: महिला आरक्षक वर्षा पटेल का कारनामा, यूरोप की सर्वोच्च चोटी माउंट एल्ब्रुस पर फहराया तिरंगा

constable Varsha Patel

आरक्षक वर्षा पटेल, जबलपुर

अगर दिल में दुनिया की भीड़ से कुछ अलग कर गुजरने की चाहत हो और हौसले बुलंद हो. तो हर कठिन से कठिन मंजिल पर भी फतेह की जा सकती है. जबलपुर की एक महिला आरक्षक ने ऐसा यह कारनामा कर दिखाया है. पुलिस की कठिन नौकरी करने के बावजूद भी जबलपुर की महिला आरक्षक वर्षा ने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा लहरा दिया है.

गौरवान्वित महसूस करने का मौका

मध्य प्रदेश पुलिस में आरक्षक के पद पर जबलपुर में कार्यरत वर्षा पटेल ने 21 अगस्त 2026 को यूरोप महाद्वीप की सर्वोच्च चोटी माउंट एल्ब्रुस, जिसकी उचाई करीब 18,510 फीट हैं. कठिन हालतों के बाद भी सफलतापूर्वक फतह कर शिखर पर भारत का तिरंगा तथा मध्य प्रदेश पुलिस का ध्वज फहराया. उनकी इस उपलब्धि से देश, मध्य प्रदेश पुलिस विभाग, जबलपुर और पूरे समाज का नाम गौरवान्वित हुआ है.

10 से अधिक पदक

जबलपुर जिले की पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के गढ़ा निवासी गौरी शंकर पटेल की पुत्री वर्षा पटेल को बचपन से ही खेलकूद और पर्वतारोहण में विशेष रुचि रही है. वह बेसबॉल की राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी भी रह चुकी हैं और राष्ट्रीय स्तर पर 10 से अधिक पदक प्राप्त कर चुकी हैं.

कोज़ियास्को पर फहराया था भारत का तिरंगा

वर्षा पटेल ने वर्ष 2024 में ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप की सर्वोच्च चोटी माउंट कोज़ियास्को पर भारत का तिरंगा फहराकर मध्य प्रदेश पुलिस की पहली महिला आरक्षक बनने का गौरव हासिल किया था. अपने पर्वतारोहण अभियान को आगे बढ़ाते हुए 21 अगस्त 2026 को यूरोप की सर्वोच्च चोटी माउंट एल्ब्रुस के शिखर पर भारत का तिरंगा और मध्य प्रदेश पुलिस का ध्वज फहराकर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम की है.

माउंट एल्ब्रुस अभियान की शुरुआत

माउंट एल्ब्रुस अभियान की शुरुआत 11 अगस्त 2026 को हुई थी अभियान के दौरान मौसम लगातार बदलता रहा। खराब मौसम, तेज हवाओं और अत्यधिक ठंड के कारण दल को कई दिनों तक अनुकूल मौसम का इंतजार करना पड़ा. मौसम की चुनौती के कारण अभियान लगातार लंबा होता गया, जिससे टीम की चिंता भी बढ़ती जा रही थी.

पूरे देश के लिए गर्व का विषय

आखिरकार 20 और 21 अगस्त को मौसम ने अनुकूल परिस्थितियां प्रदान कीं और दल ने शिखर अभियान शुरू किया. रूस की कड़ाके की ठंड, तेज हवाओं और कठिन पर्वतीय परिस्थितियों ने पर्वतारोहियों की कड़ी परीक्षा ली. इन सभी चुनौतियों का साहस और दृढ़ संकल्प के साथ सामना करते हुए वर्षा पटेल 21 अगस्त की सुबह 9 बजकर 7 मिनट पर माउंट एल्ब्रुस के शिखर पर पहुंचीं. शिखर पर पहुंचकर उन्होंने गर्व के साथ भारत का तिरंगा और मध्य प्रदेश पुलिस का ध्वज फहराया. यह क्षण उनके लिए ही नहीं, बल्कि उनके परिवार, मध्य प्रदेश पुलिस विभाग, जबलपुर और पूरे देश के लिए गर्व का विषय रहा.

वर्षा पटेल का लक्ष्य?

वर्षा पटेल का लक्ष्य दुनिया के सातों महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों को फतह कर सात शिखर अभियान पूरा करना है। माउंट एल्ब्रुस की सफलता के बाद उनका अगला लक्ष्य अफ्रीका महाद्वीप की सर्वोच्च चोटी माउंट किलिमंजारो को फतह करना है. वर्षा पटेल ने कहा कि पर्वतारोहण उनके लिए केवल एक साहसिक गतिविधि नहीं, बल्कि देश के तिरंगे को दुनिया की ऊंची चोटियों तक पहुंचाने का संकल्प है. कठिन परिस्थितियों में भी तिरंगे को शिखर पर फहराने का सपना उन्हें आगे बढ़ने की शक्ति देता है.

अनुशासन और साहस उदाहरण

वर्षा पटेल की यह उपलब्धि महिला शक्ति, खेल प्रतिभा, अनुशासन और साहस का प्रेरणादायक उदाहरण है. एक राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी से लेकर अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही बनने तक की उनकी यात्रा देश की उन सभी बेटियों के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प रखती हैं.

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