जबलपुर: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवा अब ठगों के लिए पैसा वसूलने की जरिया बनते जा रहे हैं. ठग ऐसे युवाओं को अपना शिकार बनाते हैं जो लगातार सराकरी नौकरी की तैयारी कर रहे होते हैं. शातिर ऐसे युवकों को नौकरी दिलाने का झांसा देते है और इसके बहाने उनसे लाखों रुपये की ठगी कर लेते है. ताजा मामला मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर का है जहां बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया.
विजय नगर थाना क्षेत्र का मामला
ये मामला विजय नगर थाना क्षेत्र का है. जबलपुर के विजय नगर निवासी अंकित श्रीवास्तव पर ठगी का आरोप लगा है. अंकित पर आरोप है कि उसने बेरोजगार युवाओं को नौकरी का लालच देकर 25 लाख रुपये की ठगी कर ली. जानकारी के मुताबिक, अंकित ने बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का झांसा देकर 11 बेरोजगारों से करीब 25 लाख रुपये की ठगी कर ली.
फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिए
अंकित ने सभी को हाई कोर्ट और कृषि विभाग ने नियुक्ति कराने का भरोसा दिया था जिसके बाद सभी युवक उसकी बातों में आ गए और अंकित को पैसे दे दिए. इसके बाद आरोपी ने कई लोगों को फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया. लेकिन लाखों रुपये देने के बाद भी आवेदकों को जब नौकरी नहीं मिली तो उन्होंने पुलिस में इसकी शिकायत की पुलिस में मामला दर्ज कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है.
पहले भी सामने आ चुके हैं इस तरह के मामले
ऐसा नहीं है कि सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी का ये पहला मामला सामने आया है बल्कि जबलपुर से इससे पहले भी ठगी के इसी तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं. बीते दिनों सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर बेरोजगारों से लाखों रुपये की ठगी के मामले में घमापुर पुलिस ने एक शिक्षिका को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार घमापुर के प्रेमसागर निवासी राखी बंशकार और विदिशा में पदस्थ सहायक शिक्षक गिरजेश सिंह राजपूत मिलकर बेरोजगारों को नौकरी का झांसा देते थे.
सरकार नौकरी के नाम पर ठगी से कैसे बचे
- आधिकारिक वेबसाइट जांचें.
- रिश्वत या पैसों के लेन-देन से बचें.
- दावा करने वालों से सावधान रहें.
- नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) सत्यापित करें.
- निजी जानकारी साझा न करें.
