Vistaar NEWS

जबलपुर: करोड़ों के धान घोटाले में हाई कोर्ट सख्त, सरकार को दिए राज्य स्तरीय जांच के आदेश

MP High Court

मध्यप्रदेश हाई कोर्ट

Jabalpur: करोड़ों रुपये के धान परिवहन घोटाले के तार पूरे प्रदेश से जुड़े हुए नजर आ रहे हैं. इसी आशंका के चलते मध्य प्रदेश सरकार को हाई कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है. नागरिक उपभोक्ता मंच के पीजी नाजपांडे एवं रजत भार्गव की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने प्रदेश स्तर पर धान परिवहन घोटाले की जांच करने के निर्देश दिए हैं.

पूरे प्रदेश में फैले हो सकते हैं तार

याचिककर्ता की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने कोर्ट को बताया कि जबलपुर में जिस तरह से धान परिवहन में गड़बड़ी पकड़ी गई, उससे साफ पता चलता है कि प्रदेश के और जिलों से भी इसके धोखाधड़ी के तार जुड़े हो सकते हैं. इसके बावजूद सरकार की ओर से दूसरे जिलों में व्यापक कार्रवाई नहीं की गई. मंडला, बालाघाट, सिवनी और डिंडौरी में कुछ प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की गई, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है.

अधिवक्ता ने बताया….

इतना ही नहीं इस मामले पर अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया है कि मध्य प्रदेश सरकार खुद इस मामले में 27 जिलों के कलेक्टरों को जांच के निर्देश दे चुकी है. इससे ये स्पष्ट होता है कि ये मामला केवल जबलपुर तक ही सीमित नहीं है और धान परिवहन में प्रदेश स्तर पर गड़बड़ी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. हाई कोर्ट ने मध्य प्रदेश सिविल सप्लाईज कारपोरेशन को शपथपत्र प्रस्तुत कर यह बताने के निर्देश दिए हैं कि जबलपुर कलेक्टर द्वारा घोटाला पकड़े जाने के बाद निगम ने प्रदेश स्तर पर क्या कार्रवाई की.

कार्रवाई और जांच का मांगा विवरण

इतना ही नहीं कोर्ट ने अब तक की गई जांच और कार्रवाई का पूरा विवरण मांगा है. सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने इस तथ्य पर भी गौर किया कि यदि जबलपुर कलेक्टर सतर्क नहीं होते तो यह घोटाला सामने नहीं आता. कोर्ट ने कहा कि इसी तरह दूसरे जिलों के कलेक्टरों को भी अपने स्तर पर कार्रवाई करनी चाहिए थी.

ये भी पढ़ेंः दिल्ली AIIMS में भर्ती जेपी नड्डा, बेचैनी की शिकायत के बाद लाया गया अस्पताल

Exit mobile version