Panna Mysterious Bajrang Dham: क्या आपने कभी पन्ना की बजरंग धाम तलैया के बारे में बारे में सुना है. अगर आपको जवाब नहीं है तो हम इस इस लेख में आपको इस तमत्कारी तलैया से जुड़ी कहानी के बारे में बताने जा रहे हैं. पन्ना जिले के शाहनगर विकासखंड से मात्र 5 किमी दूर ग्राम पंचायत खमतरा में स्थित बजरंग धाम के पास स्थित है ये रहस्यों से भरा जलाशय. यहां पर कई प्रचीन शिलालेख और स्थानीय लोगों के पास तालाब से जुड़ी कई कहानियां है.
दशकों पुराना है तालाब का अस्तित्व
कई ग्रामीणों का कहना है कि जब से ये गांव बसा है तो तभी से इस तालाब का अस्तित्व है. यहां तक कई लोगो को ये भी मानना है कि भयंकर सूखे में ये तालाब कभी पूरी तरह से खाली नहीं हुआ. ग्रामीणों का दावा है कि, लगभग 6 वर्ष पूर्व ग्रीष्मकाल में कई ग्रामीणों ने घाट की सीढ़ियों के पास करीब 6 फीट लंबी विशाल मछली को देखा था. लोगों ने भी दावा किया है कि इस घटना को एक दो बार नहीं बल्कि कई बार देखा गया है.
मछली के बारे में लोगों का क्या कहना है?
यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि ये कोई साधारण मछली नहीं है बल्कि ये देववंशी मछली है जो इस जलाशय में सालों से रह रही है. इस मछली का और जलाशय का विशेष संबंध है. हालांकि इस संबंध किसी भी तरह की भी तरह का कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है.
कई प्राचीन मंदिर हैं स्थित
यहां पर प्राचीन हनुमान मंदिर, माता पार्वती मंदिर, राम-जानकी मंदिर, राधा-कृष्ण मंदिर, प्राचीन गणेश मंदिर सहित अनेक प्राचीन मूर्तियां और शिलालेख आज भी विद्यमान हैं. गांव के 70 वर्षीय महंत संत गोविंद दास जी महाराज बताते है कि इस दिव्य स्थान पर सच्चे मन से तप या साधना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है.
