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शहडोल में बेखौफ खनिज माफिया! फॉरेस्ट अधिकारियों पर 2 बार हमला, अवैध रेत भंडारण पर चली जेसीबी

shahdol Mining mafia attacked Forest Department officials

शहडोल: खनिज माफियाओं ने वन विभाग के अधिकारियों पर किया हमला

Shahdol News: (कैलाश लालवानी की रिपोर्ट) शहडोल जिले में अवैध रेत कारोबार से जुड़े तत्वों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक ही रात में वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर दो अलग-अलग हमले किए गए. इन घटनाओं के बाद खनिज एवं वन विभाग की संयुक्त टीम ने बिजौरी, नरवार और बगैहा क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 520 घन मीटर अवैध रेत भंडारण को नष्ट कर दिया. कार्रवाई के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि वन अमले पर हुए हमलों का संबंध अवैध खनन के खिलाफ चल रही कार्रवाई से तो नहीं है.

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार दक्षिण वन मंडल शहडोल की टीम को लगातार अवैध रेत उत्खनन और परिवहन की शिकायतें मिल रही थीं. इसी क्रम में बुधवार की दरमियानी रात वन विभाग की टीम गश्त पर निकली थी. निपानिया-जरवाही मार्ग पर डिप्टी रेंजरों और अन्य अधिकारियों के वाहन को अज्ञात लोगों ने निशाना बनाया. आरोप है कि हमलावरों ने विभागीय वाहन में तोड़फोड़ की और मौके से फरार हो गए.

थाने में शिकायत दर्ज कराई गई

इसके कुछ घंटों बाद बैजौरी क्षेत्र में दूसरी घटना सामने आई. बीट गार्ड सुरेश बैगा और रामकिशोर बैगा जब गश्त से लौट रहे थे, तभी नरसरहा रोड पर बाइक सवार अज्ञात लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया. दोनों कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई, जिससे उन्हें चोटें आईं. घटना की सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई और संबंधित थानों में शिकायत दर्ज कराई गई.

अवैध रेत भंडारण पर चली जेसीबी

इन हमलों के अगले ही दिन खनिज एवं वन विभाग की संयुक्त टीम ने बिजौरी, नरवार और बगैहा क्षेत्र में छापामार कार्रवाई की. जांच के दौरान मुड़ना नदी एवं आसपास के इलाकों में लगभग 520 घन मीटर अवैध रेत का भंडारण मिला, जिसे जेसीबी की मदद से मिट्टी मिलाकर नष्ट कर दिया गया. विभाग का मानना है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन और भंडारण का नेटवर्क सक्रिय था.

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लगातार हो रही घटनाओं ने वन विभाग के मैदानी अमले की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं. वहीं अवैध रेत कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने और हमलावरों की गिरफ्तारी को लेकर प्रशासन तथा पुलिस की कार्रवाई पर भी लोगों की नजर बनी हुई है.

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