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MP News: डिंडोरी में जान जोखिम में डालकर पढ़ने को मजबूर बच्चे, जर्जर भवन में लग रही हैं क्लासेज

Children in Dindori are risking their lives to study.

डिंडोरी में जान जोखिम में डालकर बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं.

Input- अनिल साहू

MP News: मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति सामने आई है. डिंडोरी विकासखंड के खुरपार गांव स्थित एकीकृत माध्यमिक शाला जर्जर भवन में संचालित हो रही है, जहां 62 छात्र-छात्राएं जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं.

जगह-जगह छत से टपक रहा बारिश का पानी

स्कूल भवन की छत कई जगह से टपक रही है और प्लास्टर गिरने से हादसे का खतरा बना हुआ है.
बारिश के दौरान कक्षाओं में पानी भर जाता है, जिससे बच्चों और शिक्षकों के बैठने तक की समुचित व्यवस्था नहीं रहती. जगह की कमी के कारण एक ही कमरे में दो-दो कक्षाएं संचालित की जा रही हैं. विद्यार्थियों का कहना है कि जर्जर भवन में पढ़ाई करने के दौरान उन्हें हमेशा डर बना रहता है.

शिक्षकों के अनुसार स्कूल भवन की मरम्मत के लिए पिछले दो वर्षों से कोई राशि नहीं मिली है. कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी देने और मरम्मत की मांग करने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.

भवन मरम्मत के लिए हर साल बनता है प्रस्ताव

गांव के दिव्यांग जागरूक नागरिक थान सिंह कुंजाम ने भी कई बार इस समस्या को लेकर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन समाधान नहीं निकला. वहीं जिला परियोजना समन्वयक (DPC) दिवाकर तिवारी का कहना है कि जिले के 500 से अधिक जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन अभी तक राशि स्वीकृत नहीं हुई है. उन्होंने फिलहाल स्कूल संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की बात कही है. ऐसे में सवाल यह है कि यदि जर्जर भवन में कोई बड़ा हादसा हो गया, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी?

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