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‘गाड़ी में AC नहीं चलाता…’, जेब में प्याज लेकर क्यों घूम रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया? Video

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ज्योतिरादित्य सिंधिया

MP News: शिवपुरी में आयोजित एक जनसभा के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला. भीषण गर्मी के बीच उन्होंने ऐसा बयान दिया, जिसने सभा में मौजूद लोगों को चौंकाने के साथ-साथ मुस्कुराने पर भी मजबूर कर दिया. सिंधिया ने प्याज को गर्मी से बचाव का आसान और देसी उपाय बताते हुए कहा कि वह खुद भी हमेशा अपनी जेब में प्याज रखते हैं.

उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए जेब से प्याज निकालकर दिखाया और कहा आजकल के आधुनिक युग में लोग हर समय मोबाइल फोन लेकर चलते हैं, लेकिन मैं अपने साथ प्याज रखता हूं. 50-51 डिग्री की गर्मी में भी इससे शरीर को ठंडक मिलती है और कोई परेशानी नहीं होती. उनके इस बयान पर सभा में मौजूद लोगों के बीच हल्की हंसी और उत्सुकता का माहौल बन गया.

जेब में हमेशा रखता हूं प्याज: सिंधिया

सिंधिया ने आगे कहा कि वह अपनी कार में एसी का ज्यादा इस्तेमाल नहीं करते, बल्कि पारंपरिक तरीकों पर भरोसा करते हैं. मैं बस अपनी जेब में प्याज रखता हूं, यही मेरे शरीर का तापमान नियंत्रित रखने में मदद करता है. उनके इस बयान को सुनकर लोग हैरान भी हुए और कुछ ने इसे देसी ज्ञान का उदाहरण बताया.

सभा में बैठे बुजुर्ग ने जेब से निकाली प्याज

कार्यक्रम के दौरान एक दिलचस्प दृश्य भी देखने को मिला, जब सभा में बैठे एक बुजुर्ग काका ने भी मुस्कुराते हुए अपनी जेब से प्याज निकालकर दिखाया. इस पर पूरा माहौल हल्का-फुल्का हो गया और लोगों ने तालियां बजाकर प्रतिक्रिया दी. यह दृश्य सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है और लोग इसे अलग-अलग अंदाज में देख रहे हैं.

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हालांकि विशेषज्ञों की मानें तो प्याज में कुछ ऐसे तत्व जरूर होते हैं, जो शरीर को ठंडक पहुंचाने में सहायक माने जाते हैं, लेकिन केवल जेब में रखने से इसका वैज्ञानिक रूप से कितना प्रभाव पड़ता है, इस पर अलग-अलग राय है. इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से यह मान्यता रही है कि गर्मी से बचाव के लिए प्याज उपयोगी होता है.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा बयान

सिंधिया के इस बयान ने एक बार फिर पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक जीवनशैली के बीच दिलचस्प बहस छेड़ दी है. जहां एक ओर लोग इसे हल्के-फुल्के अंदाज में ले रहे हैं, वहीं कुछ इसे देसी उपायों की याद दिलाने वाला मान रहे हैं. कुल मिलाकर, शिवपुरी की इस सभा में दिया गया यह बयान लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है और यह दिखाता है कि कभी-कभी छोटी-छोटी बातें भी बड़े मंच पर अलग छाप छोड़ जाती हैं.

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