Ken-Betwa Link Project: केन-बेतवा लिंक परियोजना का काम कर रही नागार्जुन कंपनी ने सरकार को प्रपोजल दिया है कि अगर 2029 तक परियोजना को पूरा करना है, तो 24 घंटे काम करने की अनुमति दी जाए. कंपनी ने दावा किया है कि काम की गति बढ़ने से इसी साल से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के 65 लाख लोगों को सिंचाई के लिए पानी मिलने लगेगा. वर्तमान में कंपनी को सुबह 6 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक काम करने की अनुमति है.
परियोजना को पूरा करने की समय क्या है?
वहीं केंद्र और राज्य सरकार की भी मंशा है कि परियोजना वर्ष 2029 तक पूरी हो सके, क्योंकि उसी साल लोकसभा चुनाव हैं. फिलहाल परियोजना को पूरा करने की डेड लाइन वर्ष 2030 रखी गई है. परियोजना में करीब 20 जिलों के किसानों को सिंचाई और पीने के लिए पानी मिल सकेगा.
जल संसाधन मंत्रालय ने प्रस्ताव भेजा
जल संसाधन मंत्रालय ने कंपनी के इस प्रस्ताव को पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को भेजा है. मंत्रालय को यह गारंटी दी गई है कि कंपनी के काम से पर्यावरण और वहां के जलवायु को किसी तरह से क्षति नहीं पहुंची है और न ही वाइल्ड लाइफ प्रभावित होने की संभावना है.
केन-बेतवा परियोजना की लागत कितनी है?
राष्ट्रीय नदी जोड़ो नीति के तहत केन-बेतवा पहली परियोजना से मध्य प्रदेश के 10 जिलों के 44 लाख और उत्तर प्रदेश के 21 लाख लोगों को पीने का पानी मिलेगा. परियोजना की लागत लगभग 44,605 करोड़ रुपए है. इससे 2 हजार गांवों के 7.18 लाख किसान परिवारों को फायदा होगा. साथ ही, 103 मेगावॉट जलविद्युत और 27 मेगावॉट सौर ऊर्जा भी बनेगी.
केन-बेतवा परियोजना से क्या लाभ होगा?
- केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड का आर्थिक और सामाजिक विकास होगा.
- पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.
- रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
- सूखाग्रस्त क्षेत्र में भूजल स्तर में भी सुधार होगा.
- पन्ना बाघ अभयारण्य में केन नदी पर 77 मीटर ऊंचा और 2.13 किमी लंबा दौधन बांध बनाया जाएगा.
- दो सुरंगें भी बनाई जाएंगी.
- बांध को पानी को स्टोर किया जाएगा और जरूरत के हिसाब से छोड़ा जाएगा.
- 103 मेगावॉट जलविद्युत और 27 मेगावॉट सौर ऊर्जा भी बनेगी.
