Ladli Behna Yojana: लाडली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी स्कीम है, जिसके तहत हर महीने हितग्राही महिलाओं के खातों में 1500-1500 रुपये की किस्त जारी की जाती है. प्रदेश में ऐसी महिलाएं भी हैं जिनके पास इस योजना के लिए पात्रता है लेकिन वे पंजीयन नहीं कर पा रही हैं. अब इस मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया है.
कोर्ट ने खारिज की याचिका
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में लाडली बहना योजना के दोबारा रजिस्ट्रेशन शुरू करने के लिए जनहित याचिका लगाई गई थी. इस याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने इसे खारिज कर दिया है. ये याचिका रतलाम के पूर्व विधायक और पूर्व महापौर पारस सकलेचा ने दायर की थी. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि योजनाओं के लिए पात्रता तय करना सरकार का काम है, इस मामले में न्यायालय दखल नहीं दे सकता है.
कोर्ट ने आगे कहा कि पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) बंद करना या शुरू करना सरकार का काम है और उनकी जिम्मेदारी है. इस तरह के फैसलों में न्यायालय दखल नहीं दे सकता है. वहीं याचिकाकर्ता ने कहा गया कि पात्रता के लिए हितग्राहियों की उम्र 21 से घटाकर 18 साल कर देनी चाहिए.
कब से बंद हैं योजना के रजिस्ट्रेशन?
लाडली बहना योजना की शुरुआत साल 2023 में हुई थी. इस योजना के शुरू से अब तक किस्त में मिलने वाली राशि को दो बार बढ़ाया जा चुका है लेकिन नए रजिस्ट्रेशन आज तक शुरू नहीं हुए हैं. इसी वजह से जिन महिलाओं की उम्र 60 साल से ज्यादा हो रही है, वे बाहर होती जा रही हैं. वहीं पात्र महिलाओं को पंजीयन करने का मौका नहीं मिल पा रहा है.
ये भी पढ़ें: MP News: एमपी में 16 फरवरी से शुरू होगा विधानसभा का बजट सत्र, इन तीन मंत्रियों को घेरने की तैयारी में कांग्रेस
लगातार घट रही लाडली बहनों की संख्या
साल 2023 में जब योजना शुरू हुई तब इस योजना की हितग्राही महिलाओं की संख्या 1.31 करोड़ थी. दावे और आपत्तियों के बाद 2 लाख से ज्यादा नाम हटा दिए गए. इसके बाद संख्या 1.29 लाख बची. साल 2024 और 2025 में लाडली बहनों की संख्या घटी. अब इनकी संख्या 1.25 करोड़ रह गई है.
