MP News: मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला विवाद मामले आज अहम सुनवाई होने जा रही है. इस ऐतिहासिक भोजशाला के सरस्वती (वाग्देवी) मंदिर बनाम कमाल मौला मस्जिद विवाद में आज इंदौर हाई कोर्ट खंडपीठ में सुनवाई होगी. न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला व न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की डबल बेंच में सुनवाई के लिए मामला क्रम संख्या 102 पर सूचीबद्ध किया गया है. आज होने वाली इस सुनवाई का सबसे अहम पहलू ये है कि साल 2024 में भोजशाला परिसर में 98 दिनों तक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा किए गए विस्तृत सर्वे की रिपोर्ट कोर्ट के सामने प्रस्तुत की जानी है.
हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में होगी सुनवाई
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने खुली अदालत में यह सर्वे रिपोर्ट संबंधित पक्षों और उनके अधिवक्ताओं को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट की तरफ से ये निर्देश पिछले महीने यानी कि जनवरी माह में भोजशाला के वास्तविक धार्मिक स्वरूप पर निर्णय के लिए सुनवाई हाई कोर्ट द्वारा किए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए दिए गए थे. इसके बाद गत 20 फरवरी को हाई कोर्ट की जबलपुर मुख्यपीठ ने भी आदेश जारी कर यह स्पष्ट कर दिया कि भोजशाला मामले की सुनवाई इंदौर खंडपीठ में होगी.
विवाद क्या है?
दरअसल इस भोजशाला को लेकर यह विवाद है कि हिंदू समाज की मान्यता है कि यह 11वीं सदी में राजा भोज द्वारा निर्मित सरस्वती(वाग्देवी) मंदिर था, जिसे बाद में मस्जिद में बदल दिया गया. वहीं दूसरी तरफ मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला की दरगाह व मस्जिद मानता है. इसी को लेकर लंबे समय से कानूनी विवाद चल रहा है. हिंदू फार जस्टिस संगठन की याचिका पर हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने ASI को इस परिसर में वैज्ञानिक सर्वे कराने का निर्देश दिया था.
आज खोली जाएगी ASI की रिपोर्ट
इस निर्देशानुसार एएसआई ने 22 मार्च से 27 जून 2024 तक लगातार 98 दिन परिसर का सर्वे करने के बाद अपनी विस्तृत सर्वे रिपोर्ट जुलाई 2024 में हाई कोर्ट के समक्ष बंद लिफाफे में प्रस्तुत की थी. इस रिपोर्ट को अभी तक खोला नहीं गया था आज इसी रिपोर्ट को हाईकोर्ट में खोला जाएगा. इस रिपोर्ट में 89 पृष्ठ हैं और इसे 10 खंडों में बांटा गया हैं.
ये भी पढे़ं: MP News: ‘राहुल गांधी के इशारे पर AI समिट में गुंडागर्दी की गई’, कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह कांग्रेस पर जमकर बरसे
