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MP News: अवैध रेत खनन में बढ़ रही हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, फॉरेस्ट गार्ड की हत्या मामले में 13 को सुनवाई

Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट

Morena News: मुरैना जिले के दिमनी में बुधवार सुबह अवैध रेत उत्खनन माफिया द्वारा एक वनरक्षक (हरिकेश गुर्जर) को ट्रैक्टर-ट्राली से कुचलकर मारने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त कदम उठाया है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए गुरुवार को इस मामले की सुनवाई के लिए अगले हफ्ते की 13 अप्रैल की तारीख तय की है. इस मामले में हत्या के अगले दिन ही प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए 1.63 करोड़ रु. की 8195 ट्रॉली अवैध रेत नष्ट कर दी है.

सुप्रीम कोर्ट ने खुद लिया संज्ञान

बता दें कि जस्टिस विक्रम नाथ व जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने वनरक्षक हरिकेश गुर्जर की ड्यूटी के दौरान ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या के मामले में स्वत: संज्ञान लिया है. सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि वह अवैध खनन को रोकने के लिए व्यापक और कड़े निर्देश जारी करेगा. जिला प्रशासन की टीम रेत माफिया को पकड़ने के लिए लगातार दबिश दे रही है लेकिन अभी रेत माफिया फरार हैं.

बुधवार को हुई थी वारदात

दरअसल बुधवार सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग-552 पर गश्त के दौरान जब वन कर्मियों ने रेत से लदे ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश की, तो चालक ने 35 वर्षीय वनरक्षक हरिकेश पर वाहन चढ़ा दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई.

राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य

बता दें कि राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य, जिसे राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल वन्यजीव अभयारण्य भी कहा जाता है. ये कुल 5400 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है. ये मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान यानी की तीन राज्यों द्वारा संरक्षित क्षेत्र हैं. इस क्षेत्र में लुप्तप्राय घड़ियाल, लाल-मुकुट वाला कछुआ और लुप्तप्राय गंगा डॉल्फिन जैसे जीव पाए जाते है. दूसरी तरफ ये जगह रेत माफियाओं के हौसले भी बुलंद हैं. गौरतलब है कि इस जगह को सबसे पहले 1978 में मध्य प्रदेश द्वारा सरंक्षित क्षेत्र घोषित किया गया था.

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