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Bhopal: भोपाल में नकली नोटों के साथ पकड़ा गया MBBS डॉक्टर, नेपाल और पाकिस्तानी कनेक्शन आया सामने

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नकली नोट के साथ कपड़ा आरोपी

Bhopal: भोपाल में संदिग्ध एमबीबीएस डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया है. भोपाल की कोहेफिजा पुलिस ने गिरफ्तार डॉक्टर के पास से 280 पांच-पांच सौ के नकली नोट बरामद किए हैं. इतना ही नहीं आरोपी के कब्जे से एक आईफोन और पेनड्राइव मिली है. पुलिस के अनुसार आरोपी डॉक्टर पश्चिम बंगाल का रहने वाला है. ये अपने आईफोन में 44 सीरीज का विशेष नंबर इस्तेमाल करता था. शुरुआती जांच में पुलिस को लगता है कि आरोपी किसी विशेष विचारधारा से प्रेरित है.

आरोपी को 7 दिनों की रिमांड पर लिया गया

आरोपी से पूछताछ के लिए उसे कोर्ट में पेश कर 7 दिनों की रिमांड पर लिया गया है. कोहेफिजा पुलिस ने इस पूरी कार्रवाई को बुधवार को अंजाम दिया जबकि खुलासा गुरुवार को किया. सबसे हैरानी वाली बात तो ये है कि आरोपी के कब्जे से जो नोट बरामद हुए हैं, वह नेपाल और पाकिस्तान के कागज पर छापे गए थे. पुलिस अब इस मामले की जांच कई एंगलों से कर रही है.

टीआई केजी शुक्ला ने दी जानकारी

इस मामले पर टीआई केजी शुक्ला ने विस्तार से जानकारी दी उन्होंने बताया ‘पुलिस को सूचना मिली थी कि सैफिया कॉलेज ग्राउंड के पास एक युवक नकली नोट कम दामों में खपाने के लिए ग्राहक तलाश रहा है. बोल-चाल से वह बंगाल का रहने वाला लग रहा है. सूचना मिलने के बाद पुलिस ने घेराबंदी शुरू कर दी और तुरंत आरोपी को पकड़ लिया. तलाशी लेने पर पुलिस को उसके पास से 1.40 लाख रुपये की नकली करेंसी मिली.’

पुलिस की पूछताछ में सामने आया सच

पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि वह नोट पश्चिम बंगाल से लेकर आया है. इस धंधे में 2024 से सक्रिय है, इससे पहले भी दो बार भोपाल आ चुका है और नकली नोट मार्केट में खपा चुका है. आरोपी युवक ने अपना नाम सैफूल इस्लाम पिता अनवरउल इस्लाम (27) बताया. ये मई 2025 से लगातार भोपाल की गुलमोहर कॉलोनी में रह रहा था. आरोपी ने आगे बताया कि वह अपने साथ कुल 2 लाख रुपये के नकली नोट मात्र 60 हजार रुपये में खरीदकर लाया था. बीते 10 दिनों के भीतर वह 60 हजार के नकली नोट बाजार में खपा चुका है.

इतने रुपये में होता था सौदा

आरोपी राजधानी भोपाल में तीन सौ असली रुपये के बदले 500 नकली रुपये देने का काम करता था. आरोपी अपने आप एमबीबीएस डॉक्टर बता रहा था साथ ही उसका कहना ही कि शॉर्टकट से अमीर बनने की चाह में वह इस धंधे में आ गया.

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