MP News:15 दिन पहले लगी थी आग, फिर भी नहीं बदले फायर एक्सटिंग्विशर, मुरैना में कलेक्ट्रेट की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल
मुरैना में कलेक्ट्रेट की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल
रिपोर्ट – मनोज शर्मा
MP News: मुरैना कलेक्ट्रेट परिसर में फायर सेफ्टी को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है. करीब 15 दिन पहले कलेक्ट्रेट कार्यालय में आग लगने की घटना हुई थी, लेकिन इसके बावजूद अब तक परिसर में लगे कई अग्निशमन यंत्रों को बदला या रिफिल नहीं कराया गया है. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहे हैं. कलेक्ट्रेट जैसे संवेदनशील शासकीय कार्यालय में सुरक्षा व्यवस्था की इस अनदेखी ने कर्मचारियों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है.
समय पर नहीं हुई फायर एक्सटिंग्विशरों की रिफिलिंग
जानकारी के अनुसार कलेक्ट्रेट परिसर में कुल 35 फायर एक्सटिंग्विशर लगाए गए हैं, जिनमें से कई की वैधता अवधि समाप्त हो चुकी है. इसके बावजूद अब तक उनकी रिफिलिंग नहीं कराई गई. आगजनी जैसी आपात स्थिति में यह लापरवाही भारी पड़ सकती है. सुरक्षा उपकरणों के रखरखाव में देरी को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं.
कुछ उपकरणों की वैधता, कई अब भी बिना सर्विसिंग के
बताया गया है कि ट्रेजरी कार्यालयों में लगे दो फायर एक्सटिंग्विशर अक्टूबर 2026 तक वैध हैं, जबकि कलेक्ट्रेट परिसर में लगे करीब 32 एक्सटिंग्विशरों का निर्माण मई 2024 में हुआ था. नियमों के मुताबिक इन उपकरणों की सर्विसिंग और रिफिलिंग एक वर्ष के भीतर कराई जानी चाहिए थी, लेकिन कई उपकरण अब तक बिना रिफिलिंग के ही परिसर में लगे हुए हैं.
एच.के. एंटरप्राइजेज द्वारा बने हैं उपकरण
फायर एक्सटिंग्विशरों पर अंकित जानकारी के अनुसार ये एबीसी ड्राई पाउडर प्रकार के 4.5 किलोग्राम क्षमता वाले उपकरण हैं, जिनका निर्माण हरियाणा की एच.के. एंटरप्राइजेज कंपनी द्वारा किया गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इन उपकरणों की समय-समय पर जांच और रिफिलिंग नहीं कराई जाए, तो आपात स्थिति में ये प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पाते.
कर्मचारियों और लोगों में बढ़ी चिंता
कलेक्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण शासकीय कार्यालय में सुरक्षा उपकरणों की अनदेखी को लेकर कर्मचारियों और आम लोगों में चिंता देखी जा रही है. लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी फायर एक्सटिंग्विशरों की तत्काल जांच कराई जाए और आवश्यक रिफिलिंग व मेंटेनेंस कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके.
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