Vistaar NEWS

मऊगंज में हनी ट्रैप का बड़ा खेल, दंपति ने बनाया पूर्व जनपद उपाध्यक्ष का अश्लील Video, बदले में 5 लाख मांगे

Mauganj Honey Trap Case

मऊगंज में हनीट्रैप के बड़े खेल का पर्दाफाश

Mauganj News: मऊगंज जिले में सियासी गलियारों को हिला देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पूर्व जनपद उपाध्यक्ष का वायरल अश्लील वीडियो अब हनी ट्रैप की खौफनाक साजिश साबित हुआ है. पुलिस ने शुक्रवार शाम रुचि रेस्टोरेंट और कैफे संचालक आरोपी महिला रुची सिंह और रविशंकर तिवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है, जबकि दोनों फिलहाल फरार हैं और पुलिस जांच में जुटी हुई है.

नशा देकर बनाया वीडियो, फिर ब्लैकमेल का खेल!

फरियादी के अनुसार पहले चाय पर बुलाया फिर दंपति ने सुनियोजित तरीके से अपने जाल में फंसाया. पहले नशा दिया गया, फिर शारीरिक संबंधों का वीडियो गुप्त कैमरे से रिकॉर्ड कर लिया गया. इसके बाद 5 लाख रुपए की मोटी रकम मांगते हुए ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी गई.

सोशल मीडिया से फैली सनसनी

दरअसल, 17 अप्रैल को आरोपी युवती ने खुद ही सोशल मीडिया पर वीडियो का स्क्रीनशॉट शेयर कर सनसनी फैला दी थी. मामला तूल पकड़ते ही प्रशासन हरकत में आया और एसडीओपी सची पाठक के निर्देश पर केस दर्ज कर जांच तेज कर दी गई. लेकिन दोनों फरार चल रहे हैं.

कैफे बना साजिश का अड्डा

चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी महिला पुलिस कंट्रोल रूम के सामने ही कैफे चलाती थी. इसी कैफे में नेता से पहचान हुई और यहीं से साजिश की नींव रखी गई. स्पाई कैमरे के जरिए पूरी घटना रिकॉर्ड की गई. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कैमरा किसने और क्यों लगाया. इसके साथ ही इस साजिश में और कौन-कौन शामिल है.

लग्जरी लाइफ की चाहत ने बनाया शातिर!

जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला मिडिल क्लास परिवार से होने के बावजूद हाई-प्रोफाइल जिंदगी जीना चाहती थी. इसी लालच में दोनों ने मिलकर ब्लैकमेलिंग का नेटवर्क खड़ा किया. वहीं सूत्रों की माने तो मऊगंज जिले के बड़े क्रेशर संचालक, ठेकेदारों, नेताओं, व्यापारियों और सरकारी अफसरों तक के इस तरह के करीब 13 लोगों के अश्लील वीडियो मिले हैं.

ये भी पढ़ेंः एमपी में गर्मी का कहर! सभी स्कूलों में कक्षा 8वीं तक की छुट्टी, प्रशासन का बड़ा फैसला

फिलहाल मामला गरम है, पुलिस ने जांच तेज कर दी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना हैं. मऊगंज का यह हनी ट्रैप कांड अब सिर्फ एक मामला नहीं, बल्कि एक संगठित साजिश की कहानी बन चुका है. अब देखना दिलचस्प होगा कि इस गिरोह में अभी कितने लोगों का नाम सामने आता है.

Exit mobile version