MP News: विंध्य की राजनीति इन दिनों फिर सुर्खियों में है. दरअसल हमेशा चर्चा में रहने वाले मऊगंज से भाजपा विधायक प्रदीप पटेल पिछले 20 दिनों से क्षेत्र से गायब हैं. जिसको लेकर तमाम चर्चाएं भी तेज हो गई हैं. दरअसल कुछ दिन पहले एक जमीनी विवाद में सुलह कराने के लिए विधायक प्रदीप पटेल पहुंचे हुए थे, जहां मामला इतना ज्यादा बिगड़ गया कि दो पक्षों के जमीनी विवाद में उलझे लोग विधायक प्रदीप पटेल पर भड़क गए और विधायक पर ही हमला बोल दिया. किसी तरह विधायक को बाहर निकल गया था.
विधायक ने कहा था- खतरा है
हमला करने वाले लोगों पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. घर वालों का कहना है कि उस विवाद के बाद विधायक भोपाल जाने का बोलकर घर से निकले और वापस नहीं आए. एक दिन विधायक का फोन आया जिसमें उन्होंने सतर्क रहने बाहर न निकलने की हिदायत थी. जो भी जरूरत की चीज हैं, उसको ऑनलाइन मंगाने के लिए कहा था. जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है. जिसमें विधायक प्रदीप पटेल घर के किसी व्यक्ति और निज सचिव से बात करते हुए दिख रहे हैं और विधायक कह रहे हैं कि उनको खतरा है. इसलिए घर से बाहर बिल्कुल नहीं निकलना है. विधायक मूसा गैंग से खुद को खतरा बता रहे हैं.
गणतंत्र दिवस के ध्वजारोहण में भी शामिल होने नहीं पहुंचे विधायक
कई दिनों से क्षेत्र से नदारत विधायक को लेकर लोगों की यह उम्मीद थी कि विधायक गणतंत्र दिवस और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचेंगे. लेकिन इस मामले ने तूल तब पकड़ लिया, जब विधायक गणतंत्र दिवस के ध्वजारोहण में भी शामिल नहीं हुए. उनकी कुर्सी खाली रही, जिसको लेकर चर्चाएं तेज हुई हैं. रीवा में विधायक के आवास में कोई भी नहीं है. अंदर गेट से एक कर्मचारी ने बताया कि पिछले 15 से 20 दिनों से विधायक यहां नहीं हैं और ना ही उनकी कोई बातचीत हो पा रही है. मऊगंज स्थित भाजपा विधायक प्रदीप पटेल के कार्यालय में वहां पर ताला लगा हुआ है. हालांकि क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ता मिले, जिनका कहना है कि वह विधायक से मिलने के लिए कार्यालय पहुंच रहे हैं. लेकिन कई दिनों से विधायक से कोई मुलाकात नहीं हो पा रही है. शादी का आमंत्रण लेकर पहुंचे भाजपा कार्यकर्ता कहना है कि वह विधायक को आमंत्रित करने के लिए आए हुए हैं. लेकिन विधायक से ना तो मुलाकात हो पा रही और ना ही किसी प्रकार फोन में बातचीत हो पा रही है.
‘मूसा गैंग से भी खतरा है’
मऊगंज विधायक के मऊगंज स्थित आवास पर उनका परिवार रहता है. वहां पहुंचने पर चैनल गेट में लगे ताले ने यह बताया कि कुछ लोग अंदर हैं. आवाज देने पर विधायक के पोते ने बताया कि वह ताला नहीं खोल सकते हैं. उनके बाबा जी भोपाल बोलकर 20 दिन पहले गए थे, लेकिन तब से वापस नहीं लौटे. बाबा का एक दिन फोन आया था, जिसमें उन्होंने घर से बाहर ना निकलने और गेट ना खोलने की हिदायत दी है. उनका पूरा परिवार उस घटना के बाद डरा हुआ है. इसमें मूसा गैंग से भी खतरा बताया गया. विधायक के पोते का कहना है कि वह इसकी शिकायत भी करने बाहर नहीं जा पा रहे हैं. अपनी जरूरत की चीज मंगाकर परिवार के साथ अंदर ही हैं.
‘विधायक जी ने कहा था कि जनता के काम नहीं रुकने चाहिए’
विधायक प्रदीप पटेल के निज सचिव रामानंद पटेल ने बताया कि पहले तो विधायक के दोनों नंबरों पर फोन लगाया, लेकिन फोन स्विच ऑफ था. निज सचिव का कहना है कि विधायक से उनकी काफी समय से बात नहीं हुई. कुछ दिन पहले उनका फोन आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि जनता के काम नहीं रुकने चाहिए. जो सरकार की योजनाएं हैं, वह जनता तक पहुंचनी चाहिए. इसलिए वह लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और उचित समाधान कर रहे हैं. लेकिन बहुत चिंतित हैं कि आखिर विधायक जी कहां है? जिम्मेदार अधिकारी, मऊगंज जिले के एसपी दिलीप सोनी का कहना है कि विधायक जी को कार्यक्रमों में आमंत्रित किया गया था, लेकिन वह कार्यक्रमों में नहीं पहुंचे. इसको लेकर उनसे संपर्क भी किया गया, लेकिन उनका फोन बंद आया. लापता होने की कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है. अगर किसी गैंग की बात है तो प्रशासन और वह इस पर कार्रवाई करेंगे.
अब सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है कि एक जमीनी विवाद के बाद गायब हुए प्रदीप पटेल आखिर कहां है. अगर भोपाल में हैं तो वह क्षेत्र से इतने लंबे समय से गायब क्यों हैं और गणतंत्र दिवस जैसे संवेदनशील कार्यक्रम में शामिल क्यों नहीं हुए. अगर उनको और उनके परिवार को अपनी जान का खतरा है तो यह और भी सवाल खड़े करने वाली बात है कि सत्ता पक्ष के विधायक ही अगर सुरक्षित नहीं है तो आम जनता का क्या होगा.
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