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MP News: लापरवाही पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, सीएम मोहन यादव का कड़ा एक्शन, दो साल में 25 IAS-IPS अफसरों पर गिरी गाज

CM Mohan Yadav

सीएम मोहन यादव

MP News: सीएम मोहन यादव ने एक बार फिर सख्त प्रशासनिक संदेश देते हुए गुना के एसपी अंकित सोनी और सीधी के कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को हटाकर साफ कर दिया है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यह कार्रवाई बताती है कि सरकार गंभीर मामलों में किसी भी स्तर पर ढील देने के मूड में नहीं है.

10 IAS और 8 IPS अधिकारियों पर कार्रवाई हुई

13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से ही डॉ. यादव ने प्रशासन में सख्ती का रुख अपनाया है. करीब सवा दो साल के कार्यकाल में अब तक 10 आईएएस और 8 आईपीएस अधिकारियों पर कार्रवाई हो चुकी है. इनमें कई मामले ऐसे हैं, जिनमें सीधे कलेक्टर और एसपी स्तर के अधिकारियों को हटाया गया.

रिश्वत और लापरवाही पर कार्रवाई

22 मार्च 2026 को गुना में गुजरात के एक व्यापारी से एक करोड़ रुपए जब्त करने के बाद पुलिस द्वारा 20 लाख रुपए लेकर मामला दबाने के आरोप सामने आए. इस पर एसपी अंकित सोनी को हटा दिया गया, वहीं थाना प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए. इसी दिन सीधी कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को भी शिकायतों के आधार पर हटाया गया. उन पर आरोप था कि वे दफ्तर में नियमित रूप से नहीं बैठते थे, जिससे आम जनता और जनप्रतिनिधियों में नाराजगी थी.

रिश्वत-भ्रष्टाचार पर पहले भी सख्ती

24 जनवरी 2026 को अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह को आनंदपुर साहिब ट्रस्ट मामले में रिश्वत के आरोपों के चलते हटाया गया. वहीं 2 जनवरी 2026 को इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले में नगर निगम आयुक्त दिलीप यादव और अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया पर भी कार्रवाई की गई.

हत्या और गंभीर अपराधों पर भी तुरंत एक्शन

15 मार्च 2026 को मऊगंज के गड़रा हत्याकांड के बाद कलेक्टर अजय श्रीवास्तव और एसपी रसना ठाकुर को हटाया गया. सरकार ने तुरंत नए अधिकारियों की नियुक्ति कर प्रशासनिक व्यवस्था को संभालने की कोशिश की.

पिछले मामलों में भी दिखी सख्ती

2025 और 2024 में भी कई बड़े मामलों में कार्रवाई की गई. परिवहन आरक्षक सौरभ शर्मा की करोड़ों की संपत्ति के मामले में परिवहन आयुक्त डीपी गुप्ता को हटाया गया. सागर में दीवार गिरने से 9 बच्चों की मौत के बाद कलेक्टर, एसपी और एसडीएम पर कार्रवाई हुई. हरदा पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट और सिवनी में गोवंश हत्या के मामलों में भी संबंधित अधिकारियों को हटाया गया.

वायरल वीडियो पर भी तुरंत निर्णय

जनवरी 2024 में शाजापुर कलेक्टर किशोर कान्याल का ड्राइवर से ‘औकात’ पूछने वाला वीडियो वायरल हुआ था. मामले में सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटा दिया.

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सीएम बनने के 15 दिन में ही बड़ा फैसला

मुख्यमंत्री बनने के महज 15 दिन बाद ही गुना बस अग्निकांड में 13 लोगों की मौत के बाद कलेक्टर, एसपी और परिवहन आयुक्त को हटाकर डॉ. यादव ने अपने इरादे साफ कर दिए थे.

जवाबदेही से समझौता नहीं

लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से यह साफ है कि मोहन यादव प्रशासन में जवाबदेही और अनुशासन को लेकर बेहद सख्त हैं. सरकार का स्पष्ट संदेश है कि लापरवाही, भ्रष्टाचार या संवेदनहीनता पर किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा.

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