MP News: मध्य प्रदेश की नई आबकारी नीति के तहत शराब ठेकों की नीलामी के पहले चरण में सरकार को मिश्रित परिणाम मिले हैं. 324 समूहों में से 146 समूहों के लिए टेंडर प्राप्त हुए, जिससे राज्य सरकार को रिजर्व प्राइस से 173 करोड़ 40 लाख 80 हजार 167 रुपये अधिक राजस्व मिला है. आबकारी विभाग के अनुसार, पहले चरण में 150 समूहों के लिए 455 ठेकों के टेंडर आमंत्रित किए गए थे.
55 जिलों के लिए 19,952 करोड़ का आरक्षित मूल्य तय
कुल 55 जिलों के लिए 19,952 करोड़ 89 लाख 97 हजार 36 रुपये का आरक्षित मूल्य तय किया गया था. इसमें पहले चरण के तहत 7,076 करोड़ 75 लाख 57 हजार 710 रुपये के समूहों की नीलामी की गई. जिन 150 समूहों के लिए 355 टेंडर प्राप्त हुए, उनसे 3,087 करोड़ 58 लाख 57 हजार 633 रुपये का राजस्व प्राप्त होना तय है. हालांकि पांच जिलों अलीराजपुर, अनूपपुर, मुरैना, नीमच और मेहर में एक भी ठेके के लिए टेंडर प्राप्त नहीं हुआ. इन जिलों में अब दोबारा निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी. विभाग के मुताबिक, कुछ स्थानों पर आरक्षित मूल्य अपेक्षाकृत अधिक होने के कारण प्रतिस्पर्धा कम रही.
इन जिलों में ये स्थिति
- अलीराजपुर: 59 करोड़ 15 लाख रुपये के सभी समूहों में कोई टेंडर नहीं.
- अनूपपुर: 40 करोड़ 88 लाख रुपये के समूहों पर कोई बोली नहीं.
- भोपाल: 521 करोड़ 80 लाख रुपये के चार समूहों में प्रतिस्पर्धा.
- मुरैना: 117 करोड़ 4 लाख रुपये के समूहों में बोली नहीं.
- नीमच: 27 करोड़ 80 लाख रुपये के चार समूहों में टेंडर जमा नहीं.
पिछले साल की तुलना में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी
आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने बताया कि जिन समूहों में प्रस्ताव नहीं मिले हैं, उनके लिए पुनः टेंडर जारी किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि पहले चरण में औसतन 3 प्रतिशत से अधिक राजस्व वृद्धि दर्ज की गई है. प्रदेश में कुल 3,553 शराब दुकानों के लिए इस बार तीन से पांच दुकानों का समूह बनाकर नीलामी की जा रही है. सरकार का मानना है कि नई नीति से पारदर्शिता बढ़ेगी और राजस्व में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित होगी.
ये भी पढे़ं: अजब-गजब MP! आगर मालवा में नायब तहसीलदार की चप्पल चोरी, SP से शिकायत की, कैमरे में पुजारी ले जाते हुए दिखा
