MP News: मध्य प्रदेश में संविदा कर्मियों के लिए मोहन सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. संविदा कर्मियों के सम्मेलन में सीएम मोहन यादव ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि संविदा कर्मियों की मांगों को पूरा करने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग एक समिति गठित करेगी. इस समिति में सरकार के अधिकारी और संविदाकर्मियों के प्रतिनिधि रहेंगे. समिति में संविदा कर्मियों की सारी मांगों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी. इसके बाद मांगों को पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.
संविदा कर्मियों ने मोहन यादव को मांग पत्र सौंपा
संविदा कर्मियों के सम्मेलन में पहुंचे मुख्यमंत्री को संगठन ने 13 बिंदुओं का मांग पत्र मुख्यमंत्री मोहन यादव को सौंपा गया. इसके बाद मुख्यमंत्री ने सभी बिंदुओं की मांगों को पूरा करने की घोषणा मंच से की. मुख्यमंत्री ने कहा कि संविदा कर्मियों का भविष्य हम सुनिश्चित करेंगे और उन्हें किसी प्रकार की समस्या नहीं होने देंगे, साथ ही विसंगतियों को दूर किया जाएगा. हमने जो कहा वो करेंगे. सभी विभागों के संविदा कर्मी सेक्रेटरी को आपकी मांगें बताएं, उसके बाद मैं उन्हें पूरा करूंगा. 10 वर्ष से ज्यादा अनुभव वाले संविदा कर्मियों को नियमित भी किया जाएगा.
सीएम मोहन यादव मांगों को लेकर क्या बोले?
दरअसल, मुख्यमंत्री मोहन यादव आज टीटी नगर स्थित दशहरा मैदान में आयोजित संविदा कर्मियों के सम्मेलन में पहुंचे थे. इसी दौरान उन्होंने संविदा कर्मियों की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया है.
संविदा कर्मियों की क्या मांगें हैं?
- 10 वर्ष और इससे अधिक अनुभवी संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाए.
- संविदा कर्मचारियों का ग्रेड पे निर्धारण किया जा चूका है अतः उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI इंडेक्स के स्थान पर नियमित कर्मचारियों की तरह घोषणा दिनांक से महंगाई भत्ता) DA प्रदान किया जाए.
- सामान्य प्रशासन की संविदा नीति 2023 की सभी कंडिकाओं का केंद्र पोषित/राज्य पोषित समस्त योजनाओं/परियोजनाओ में अक्षरशः क्रियान्वयन किया जावे.
- नियमित कर्मचारी के समान अर्जित अवकाश एवं मेडिकल अवकाश का प्रावधान किया जाए तथा यह अवकाश वर्ष के अंत में व्यापगत न हों । (वर्ष 2018 संविदा निति में दोनों ही अवकाश प्रदान किये गए थे जो कि संविदा निति 2023 में विलोपित कर दी गयी).
- संविदा निति 2023 के अनुसार समस्त विभागो में NPS, ग्रेजुटी, स्वास्थ्य बिमा लाभ, अनुकम्पा नियुक्ति केंद्र पोषित/राज्य पोषित समस्त योजनाओं/परियोजनाओ एक साथ क्रियान्वयन का आदेश जारी किया जाए और संविदा कर्मचारियों को दंड के प्रावधान CCA रुल 1965, 1966 पुर्णतः लागू किया जाए.
- सामाजिक सुरक्षा की द्रष्टि से कंडिका 9.8, 6.2 एवं कंडिका 11.5 विलोपित किया जाये और संविदा शोषित नवीनीकरण/मूल्यांकन जैसी व्यवस्था को बंद किया जाए.
- वरिष्ठ पद रिक्त होने की स्थिति में अनुभवी संविदा कर्मचारी को पद प्रमोशन/अतिरिक्त चार्ज की पात्रता प्रदान की जावे एवं प्रतिनियुक्ति पर अन्य विभाग में जाने की अनुमति प्रदान की जाए.
- किसी कारणवश कोई योजना समाप्त की जाती है तो उसके अंतर्गत कार्यरत समस्त संविदा कर्मचारियों को अन्य योजना में समकक्ष पद पर नियुक्ति देने का प्रावधान किया जाये.
- विभिन्न विभागों/योजना/परियोजना में पदस्थ संविदा कर्मचारियो की विसंगति पूर्ण समकक्षता का निर्धारण अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग की अध्यक्षता में संविदा के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए समय सीमा 2 माह में अभ्यावेदनो पर विचार करते हुए निराकरण किया जावे.
- कृषि विभाग की सबमिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (आत्मा योजना), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अंतर्गत जिला ई-गवर्नेस सोसायटी, सामाजिक न्याय विभाग अंतर्गत जिला विकलांग पुनर्वास केंद्रों का संविदा निति 2023 के तहत समकक्षता का निर्धारण किया जाए.
- प्रत्येक संविदा कर्मचारी का कम से कम 20 लाख रुपए का सामूहिक बीमा किया जाए, जिससे कि कर्मचारी एवं परिवार को आर्थिक सुरक्षा का लाभ प्राप्त हो सके.
- रिक्त होने पर संविदा कर्मचारी को भी शासकीय आवास आवंटित जाने की सुविधा हो और उपलब्ध न होने पर आवास भत्ता स्वीकृत किया जाए.
- 13 नियमित कर्मचारियों की तरह महिला संविदा कर्मचारियों को चाइल्ड केयर लीव का प्रावधान किया जाए.
