MP News:पांढुर्णा जिले की मातृ सेवा इंडिया नीति लिमिटेड चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर गणेश पचौरी, उनके भाई और माता-पिता के शव नागपुर में फंदे से लटके मिले हैं. माता-पिता और भाई के हाथ बंधे हुए थे, जबकि गणेश के हाथ खुले मिले. उस पर 17 लाख रुपए के गबन का आरोप था, और वह जमानत पर बाहर था.
सुसाइड नोट और पुलिस जांच
पुलिस को गणेश की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें परिवार के सभी सदस्यों के हस्ताक्षर थे. नोट में यह लिखा है कि वह पांढुर्णा में दर्ज केस के तनाव में था. आज सभी शवों का पोस्टमॉर्टम नागपुर मेडिकल कॉलेज में किया जाएगा.
नागपुर के मोवाड गांव के वार्ड 5 में गणेश पचौरी, उनके पिता विजय, मां माला, और छोटे भाई दीपक के शव पाए गए. पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो गेट अंदर से बंद था. शवों की हालत देख यह मामला गंभीर लग रहा था. नागपुर की फोरेंसिक टीम ने भी वहां से नमूने एकत्र किए.
ये भी पढ़ें: मोपेड की बैट्री चार्ज करने के दौरान शार्ट-सर्किट से घर में लगी आग, जिंदा जला शख्स
14 फरवरी को दर्ज हुआ था मामला
पांढुर्णा थाने के उप निरीक्षक लखन भीमते ने बताया कि गणेश पचौरी ने 22 मार्च 2023 से मातृ सेवा इंडिया नीति लिमिटेड का संचालन किया था. जब गबन का मामला उजागर हुआ, तो संस्था पर ताला लग गया. 14 फरवरी 2024 को गणेश और उसके तीन कर्मचारियों पर 17 लाख रुपए के गबन का मामला दर्ज किया गया. गणेश को छिंदवाड़ा जेल भेजा गया था, और कुछ दिन पहले वह जमानत पर बाहर आया था.
घर घर जा कर वसूलते थे कर्मचारी पैसे
मातृ सेवा इंडिया निधि लिमिटेड ने एफडी और आरडी के नाम पर कई लोगों से लाखों रुपए जमा किए थे. कंपनी के कर्मचारी घर-घर जाकर पैसे वसूलते थे. कुल मिलाकर, कंपनी ने लगभग 17 लाख रुपए का गबन किया था, जिसके बाद सभी आरोपी फरवरी 2024 में गिरफ्तार कर लिए गए थे.
गणेश पचौरी ने MBA की डिग्री प्राप्त की थी और पुणे में नौकरी की थी. बाद में उसने पांढुर्णा में चिटफंड कंपनी खोली. पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि उसने अपनी पत्नी से पैसे के लेन-देन में धोखाधड़ी की, जिसके कारण उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई.