MP News: इंदौर में एमपीपीएससी अभ्यर्थियों का सत्याग्रह 2.O शुरू हो चुका है. अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सैकड़ों अभ्यर्थी एमपीपीएससी ऑफिस के बाजे धरने पर बैठे हैं. सोमवार को अभ्यर्थियों के धरने का तीसरा दिन है. कड़ाके की ठंड में अभ्यर्थी रात भर धरने पर बैठते हैं. अपने हाथों में तिरंगा और अपनी मांगों का बैनर लेकर अभ्यर्थी एमपीपीएससी के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर अपना आक्रोश और दुख जता रहे हैं.
आश्वासन के बाद नहीं मानी गईं मांगें
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पिछली बार धरने के बाद शासन स्तर पर उनकी मांगे मानने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन उनकी मांगे पूरी नहीं हुईं, बल्कि कुछ नए नियम भी एमपीपीएससी द्वारा अभ्यार्थियों पर थोप दिए गए हैं. एमपीपीएससी ने नया नियम बनाया है, जिसमें जो अभ्यर्थी जिस जिले का है, वो वहीं पर परीक्षा देगा, जिसका खासा विरोध देखने को मिल रहा है. हाथों में तिरंगा लिए ठंड में कंबल ओढ़े अध्यर्थी भी धरने में बैठे नजर आए. अभ्यर्थियों का आरोप है कि, उन्हें धरने पर बैठने से रोका गया था, बाद में हाई कोर्ट से अनुमति लेकर वो धरने पर बैठे हैं. धरने में शामिल बड़ी संख्या में युवतियों के लिए धरना स्थल पर कोई इंतजाम भी नहीं किए गए हैं.
अभ्यर्थियों की ये हैं मुख्य मांगें
- एमपीपीएससी में प्रशासनिक परीक्षा के लिए 700 पद निकालने की मांग.
- इंटरव्यू 185 नंबर से घटाकर 100 नंबर करने की मांग.
- हर परीक्षा में कई प्रश्न गलत दिए जाते हैं, बाद में उनके खिलाफ कोर्ट में केस जाता है और भर्ती लेट हो जाती है, इसमें सुधार की मांग है.
- कई परीक्षाओं को हुए वर्षों बीत गए, लेकिन अभी तक रिजल्ट नहीं आया, जल्द रिजल्ट जारी करने की मांग.
- अभ्यर्थियों को परीक्षा देने के लिए अपनी पसंद का शहर चुनने का अधिकार देने की मांग.
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