MP News: मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के नव नियुक्त अध्यक्ष सौभाग्य सिंह को मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से वाहन रैली निकालने के मामले में कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है. साथ ही मामले के निराकरण तक उनके सभी प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं.
वाहन रैली निकालने पर जारी हुआ पत्र
जारी सूचना पत्र में कहा गया है कि मीडिया रिपोर्ट्स और डिजिटल सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय के संज्ञान में यह मामला आया है कि मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष के रूप में हाल ही में नियुक्त किए गए पदाधिकारी द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दौरान एक विशाल वाहन रैली का आयोजन किया गया. बताया गया है कि इस रैली में लगभग 200 वाहन शामिल थे. पत्र में इसे संयमपूर्ण दिशानिर्देशों का प्रत्यक्ष और गंभीर उल्लंघन माना गया है.
सूचना पत्र में आगे उल्लेख किया गया है कि इस प्रकार की वाहन रैली का आयोजन न केवल राष्ट्रीय संसाधनों का अपव्यय है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि राष्ट्रीय महत्व की अपीलों और सामूहिक जिम्मेदारी के प्रति अपेक्षित प्रतिबद्धता को नजरअंदाज किया गया है. पत्र में कहा गया है कि सार्वजनिक जीवन में पद की गरिमा और जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए इस प्रकार के प्रदर्शन से बचा जाना चाहिए था.
अध्यक्ष को कार्यालय प्रवेश की अनुमति नहीं
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से यह निर्णय लिया गया है कि जब तक संबंधित अध्यक्ष का लिखित स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं हो जाता और सक्षम स्तर पर अंतिम निर्णय नहीं ले लिया जाता, तब तक उन पर कई प्रकार के प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू रहेंगे.आदेश के अनुसार संबंधित अध्यक्ष को मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के कार्यालय या परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी. इसके अलावा वे निगम की किसी भी सुविधा, वाहन, कर्मचारी या कार्यालय का उपयोग नहीं कर सकेंगे. उन्हें निगम से संबंधित किसी भी बैठक में भाग लेने या उसकी अध्यक्षता करने से भी प्रतिबंधित किया गया है.
सभी अधिकार निरस्त
इसके साथ ही अध्यक्ष को निगम के किसी भी प्रशासनिक या वित्तीय निर्णय में भाग लेने, किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने, किसी कर्मचारी को निर्देश जारी करने या किसी महत्वपूर्ण आदेश को अनुमोदित करने के अधिकार से भी वंचित कर दिया गया है. मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी यह कार्रवाई प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही के संकेत के रूप में देखी जा रही है.
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