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इंदौर में पानी की गुणवत्ता को लेकर सियासत तेज, महापौर ने नल का पानी पीकर कांग्रेस के आरोपों को दी चुनौती

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महापौर ने नल का पानी पिया

इंदौर: शहर में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. कांग्रेस द्वारा शहर के पानी को लेकर लगाए गए गंभीर आरोपों के बीच महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सुदामा नगर पहुंचकर सार्वजनिक रूप से नल का पानी पीते हुए उसे पूरी तरह सुरक्षित बताया. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के दावों को भ्रामक और जनता को गुमराह करने वाला करार दिया.

दरअसल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने हाल ही में दावा किया था कि इंदौर शहर में सप्लाई होने वाला लगभग 90 प्रतिशत पानी जहरीला है और पीने योग्य नहीं है. उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया था और शहरवासियों के बीच भी पानी की गुणवत्ता को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं.

महापौर पुष्यमित्र भार्गव सुदामा नगर क्षेत्र पहुंचे

कांग्रेस के आरोपों के जवाब में महापौर पुष्यमित्र भार्गव सुदामा नगर क्षेत्र पहुंचे. यहां उन्होंने स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी में सीधे नल से पानी पिया और कहा कि नगर निगम द्वारा नियमित रूप से पानी की गुणवत्ता की जांच कराई जाती है. उन्होंने दावा किया कि शहर में सप्लाई किया जा रहा पानी सभी मानकों के अनुरूप है और पूरी तरह सुरक्षित है.

महापौर ने कांग्रेस पर साधा निशाना

महापौर ने कहा कि कांग्रेस द्वारा जिस रिपोर्ट का हवाला देकर पानी को असुरक्षित बताया जा रहा है, उसे गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है. उन्होंने कहा कि वास्तविक स्थिति जनता के सामने है और लोग स्वयं देख सकते हैं कि पानी की गुणवत्ता को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम में कोई सच्चाई नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से शहर की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है.

कई रहवासी भी मौके पर मौजूद

इस दौरान क्षेत्र के कई रहवासी भी मौके पर मौजूद रहे. स्थानीय नागरिकों ने बताया कि उन्हें पानी की गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ रहा है. रहवासियों का कहना था कि उनके क्षेत्र में नियमित रूप से स्वच्छ पानी की आपूर्ति हो रही है और अब तक किसी प्रकार की शिकायत सामने नहीं आई है.

पानी की गुणवत्ता पर शहर की राजनीति

पानी की गुणवत्ता को लेकर शुरू हुई इस बहस ने शहर की राजनीति को गर्मा दिया है. एक ओर कांग्रेस नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है, तो दूसरी ओर महापौर और नगर निगम प्रशासन पानी की गुणवत्ता को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रहे हैं. ऐसे में अब लोगों की नजरें इस मुद्दे पर आगे होने वाली कार्रवाई और जांच पर टिकी हुई हैं.

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