Rewa News: विंध्य की धरती से शुक्रवार को आस्था की एक ऐसी उड़ान भरी गई, जो सबसे अलग है. इस तीर्थयात्रा की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि श्रद्धालुओं ने उड़ते विमान के भीतर ही सामूहिक सुंदरकांड का पाठ शुरू किया. बादलों के बीच प्रभु हनुमान की आराधना करते हुए इन रामभक्तों ने मानवता के कल्याण की प्रार्थना की. वही आज यानी शनिवार को ये रामभक्त उज्जैन में महाकाल की भस्म आरती में शामिल होकर विश्व कल्याण, नशा मुक्ति और प्रकृति के संरक्षण के लिए प्रार्थना करेंगे.
रीवा से इंदौर के लिए 60 श्रद्धालु हुए रवाना
श्रीराम दरबार परिवार का 60 सदस्यीय दल रीवा हवाई अड्डे से इंदौर के लिए रवाना हुआ. यह यात्रा केवल दर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भक्ति और आधुनिकता का एक अनूठा संगम बनकर उभरी है. पूरी तरह से भगवा वेश में सुसज्जित इन श्रद्धालुओं ने जब हवाई अड्डे पर प्रवेश किया, तो पूरा परिसर जय श्रीराम के नारों से गुंजायमान हो गया.
क्या है इस यात्रा का उद्देश्य?
- दल के सदस्यों ने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य विश्व शांति और आपसी भाईचारे का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है.
- अनूठा सफर करने वाले रामभक्तों का मानना है कि पवित्र मंत्रों की गूंज जब आसमान की ऊंचाइयों से टकराएगी, तो वह पूरे विश्व में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगी.
इस यात्रा में कौन-कौन शामिल हुए?
डॉ. उत्तम द्विवेदी, डॉ. पंकज शुक्ला, हितेंद्रनाथ शर्मा, विद्यावारिधि तिवारी, शिवाप्रकाश द्विवेदी, ब्रम्हानंद त्रिपाठी, अनिल मिश्रा, विजय तिवारी, कमला तिवारी, रिसिता त्रिपाठी, सविता तिवारी, सूर्याश शर्मा, निर्णय शर्मा, सुषमा त्रिपाठी, अनिल सिंह, तरुण ठक्कर, पूर्णानंद त्रिपाठी, अंजनी शुक्ला, मनीषा धुर्वे, सक्षम वर्मा, राघव तिवारी आदि शामिल हैं.
