Mauganj News: मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में NH-135 पर खटखरी से पहले स्थित देवरा ओवरब्रिज इन दिनों सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है. जिले का सबसे लंबा माना जाने वाला यह ओवरब्रिज लगभग एक किलोमीटर लंबा है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा के लिए की गई व्यवस्थाएं अब बदहाल नजर आ रही हैं. रात होते ही पुल का अधिकांश हिस्सा अंधेरे में डूब जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है.
50 मीटर में रोशनी और एक किमी में अंधेरा
जानकारी के अनुसार, ओवरब्रिज पर पर्याप्त संख्या में स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थीं ताकि रात के समय वाहनों की आवाजाही सुरक्षित बनी रहे. लेकिन वर्तमान में स्थिति यह है कि पुल के लगभग 50 मीटर हिस्से में ही लाइटें जल रही हैं, जबकि करीब 01 किमी. क्षेत्र की अधिकांश स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं. परिणामस्वरूप रात के समय पुल का बड़ा हिस्सा पूरी तरह अंधकार में डूब जाता है और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
अंधेरे में नहीं दिखते गौवंश
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रात के समय पुल पर बैठे गौवंश और अन्य मवेशी दूर से दिखाई नहीं देते. कई बार वाहन चालक अचानक सामने आए जानवरों को देखकर वाहन का संतुलन खो बैठते हैं. हालांकि अभी तक किसी बड़े हादसे की सूचना नहीं मिली है, लेकिन मौजूदा हालात भविष्य में किसी गंभीर दुर्घटना की आशंका को बढ़ा रहे हैं. लोगों का मानना है कि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है.
खराब रिफ्लेक्टर और गायब चेतावनी संकेत
समस्या केवल बंद स्ट्रीट लाइटों तक सीमित नहीं है. ओवरब्रिज पर लगाए गए कई रिफ्लेक्टर भी खराब हो चुके हैं, जिससे रात में मार्ग की स्पष्ट पहचान करना मुश्किल हो जाता है. कई स्थानों पर चेतावनी संकेत धुंधले पड़ चुके हैं या दिखाई ही नहीं देते. इसके अलावा आपातकालीन सहायता और हेल्पलाइन संबंधी बोर्ड भी या तो गायब हैं या जर्जर अवस्था में हैं. ऐसी स्थिति में किसी दुर्घटना या आपातकालीन परिस्थिति में सहायता प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है.
जिम्मेदार विभागों की अनदेखी पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस मार्ग से प्रतिदिन प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित विभागों के वाहन गुजरते हैं, लेकिन पुल की इन गंभीर समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा. लोगों का कहना है कि जब सुरक्षा के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर आधारभूत सुविधाएं विकसित की गई थीं, तो उनकी नियमित देखरेख और रखरखाव भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए था. लगातार खराब होती व्यवस्थाओं ने विभागीय निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
नागरिकों ने की त्वरित कार्रवाई की मांग
देवरा ओवरब्रिज मऊगंज जिले को विभिन्न महत्वपूर्ण मार्गों से जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क पुल है. ऐसे में इसकी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होना बेहद आवश्यक है. स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तत्काल चालू कराया जाए, खराब रिफ्लेक्टर बदले जाएं, चेतावनी संकेतों की व्यवस्था दुरुस्त की जाए तथा पुल पर बैठे आवारा मवेशियों की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए.
बड़ा सवाल: हादसे के बाद जागेगा प्रशासन?
फिलहाल सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि आखिर जिम्मेदार विभाग कब जागेंगे? क्या किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही कार्रवाई होगी या फिर जनहित और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए समय रहते आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे. देवरा ओवरब्रिज पर पसरा अंधेरा केवल सड़क पर नहीं, बल्कि व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है. अब निगाहें प्रशासन और संबंधित विभागों पर टिकी हैं कि वे इस समस्या का समाधान कब तक करते हैं.
