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सामंतवादी’ पोस्ट से भड़की कांग्रेस में कलह! सीधी में जवाहर कांग्रेस भवन में प्रभारी विनोद शर्मा से मारपीट-छीनाझपटी

Sidhi District Congress Committee Office.

सीधी जिला कांग्रेस कमेटी ऑफिस.

Input- शरद गौतम

MP News: सीधी जिले के जवाहर कांग्रेस भवन में मंगलवार शाम कांग्रेस की मासिक समीक्षा बैठक के बाद पार्टी के भीतर का विवाद खुलकर सामने आ गया. बैठक समाप्त होने के बाद विधानसभा सीधी के प्रभारी डॉ. विनोद शर्मा के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज, छीनाझपटी और मारपीट जैसी स्थिति बन गई. घटना के बाद कांग्रेस संगठन ने सख्त रुख अपनाते हुए विजय सिंह और कमलेन्द्र सिंह को पार्टी से आजीवन निष्कासित करने की कार्रवाई की है.

जवाहर कांग्रेस भवन में आयोजित हुई मासिक समीक्षा बैठक

जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम करीब 4 बजे जवाहर कांग्रेस भवन में आयोजित मासिक समीक्षा बैठक में पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं चुरहट विधायक अजय सिंह राहुल, जिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्ञान सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे. बैठक समाप्त होने के बाद जैसे ही अजय सिंह राहुल वहां से रवाना हुए, उसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच विवाद शुरू हो गया. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि डॉ. विनोद शर्मा के साथ अभद्रता, गाली-गलौज, छीनाझपटी और धक्का-मुक्की की नौबत आ गई.

विनोद शर्मा की सोशल मीडिया पोस्ट से विवाद

बताया जा रहा है कि इस विवाद की पृष्ठभूमि हाल ही में डॉ. विनोद शर्मा द्वारा सोशल मीडिया पर की गई एक पोस्ट बनी. पोस्ट में उन्होंने लिखा था, ‘प्रदेश अध्यक्ष सामंतवादी नहीं होना चाहिए’

इस पोस्ट को लेकर पार्टी के भीतर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं. कुछ कार्यकर्ताओं ने इसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, विशेषकर अजय सिंह राहुल और दिग्विजय सिंह से जोड़कर देखा, क्योंकि दोनों राजघराने से जुड़े हैं. हालांकि डॉ. विनोद शर्मा ने बाद में अपनी पोस्ट का स्पष्टीकरण भी जारी किया था, लेकिन तब तक सोशल मीडिया पर तीखी टिप्पणियां और आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो चुके थे. बताया जा रहा है कि विजय सिंह और कमलेन्द्र सिंह ने भी उस पोस्ट पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव लगातार बढ़ता गया.

क्या बोले डॉ. विनोद शर्मा?

डॉ. विनोद शर्मा ने बताया, ‘जैसे ही अजय सिंह राहुल जी गाड़ी में बैठकर रवाना हुए, उसी दौरान विजय सिंह और कमलेन्द्र सिंह मेरे पास आए. दोनों ने मुझसे बहस शुरू कर दी, गलत शब्दों का इस्तेमाल किया और छीनाझपटी करते हुए अभद्र व्यवहार किया. घटना की जानकारी संगठन को दी गई, जिसके बाद दोनों को पार्टी से आजीवन निष्कासित कर दिया गया.’

ज्ञान सिंह बोले- अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं

जिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने कहा, ‘विवाद की सूचना मिलते ही मैं स्वयं नीचे पहुंचा था. हमारे विधानसभा प्रभारी के साथ जिस तरह की बहसबाजी और अनुशासनहीनता हुई, वह स्वीकार्य नहीं है. संगठन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित दोनों कार्यकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से आजीवन निष्कासित कर दिया है.’

सवालों के घेरे में संगठन की अंदरूनी कलह

जवाहर कांग्रेस भवन में हुई यह घटना सिर्फ दो कार्यकर्ताओं के विवाद तक सीमित नहीं मानी जा रही. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ‘सामंतवादी’ शब्द से शुरू हुआ सोशल मीडिया विवाद अब कांग्रेस संगठन की अंदरूनी गुटबाजी और असंतोष को खुलकर सामने ले आया है. समीक्षा बैठक के तुरंत बाद पार्टी कार्यालय में हुई मारपीट और हंगामा इस बात का संकेत है कि संगठन के भीतर मतभेद अब सार्वजनिक रूप ले चुके हैं. अब देखना होगा कि पार्टी इस विवाद को यहीं थाम पाती है या आने वाले दिनों में इसका राजनीतिक असर और गहराता है.

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