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मऊगंज में विस्तार न्यूज की खबर का बड़ा असर! सरकारी निर्माण कार्यों में अनियमितता का मामला, पंचायत सचिव निलंबित

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मऊगंज: पहाड़ी ग्राम पंचायत सचिव निलंबित

Mauganj News: मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में भ्रष्टाचार की खबरों को लगातार प्रमुखता से उठाने वाले विस्तार न्यूज़ की खबर का बड़ा असर सामने आया है. ग्राम पंचायत बरांव में सरकारी निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामले में जिला पंचायत रीवा ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए तत्कालीन ग्राम पंचायत बरांव एवं वर्तमान ग्राम पंचायत पहाड़ी के सचिव रामधनी मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई कलेक्टर मऊगंज की जांच रिपोर्ट और जनपद पंचायत हनुमना के प्रस्ताव के आधार पर की गई.

जांच में सही पाए गए गंभीर आरोप

जिला पंचायत द्वारा जारी आदेश के अनुसार शिकायतकर्ता भैयालाल कोल द्वारा की गई शिकायत की जांच के लिए जनपद पंचायत हनुमना ने जांच दल गठित किया था. जांच में पाया गया कि ग्राम शुकुलगवां में सरकारी चबूतरे का निर्माण निजी पट्टे की भूमि पर कराया गया, जबकि नियमानुसार यह कार्य संबंधित ग्राम पंचायत बरांव की सीमा में और सार्वजनिक भूमि पर होना चाहिए था. जांच दल ने दोनों निर्माण कार्यों को नियमों के विपरीत माना, जिसकी पुष्टि संबंधित पटवारी की रिपोर्ट से भी हुई.

आचरण नियमों के उल्लंघन पर हुई कार्रवाई

जांच प्रतिवेदन के आधार पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत हनुमना ने सचिव रामधनी मिश्रा के विरुद्ध निलंबन का प्रस्ताव जिला पंचायत को भेजा. आदेश में उल्लेख किया गया है कि उनका कृत्य मध्य प्रदेश पंचायत सेवा आचरण नियम, 1998 के नियम 3(3) का उल्लंघन है और यह गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है. इसके बाद मध्य प्रदेश पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम, 1999 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया.

हनुमना रहेगा निलंबन अवधि तक मुख्यालय

निलंबन अवधि के दौरान रामधनी मिश्रा का मुख्यालय जनपद पंचायत हनुमना निर्धारित किया गया है. आदेश में यह भी कहा गया है कि उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा.

लगातार उठाए जा रहे थे सवाल

पिछले कुछ समय से पंचायत के कार्यों, विकास योजनाओं और कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे. विस्तार न्यूज़ ने इस पूरे मामले को दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर प्रमुखता से प्रकाशित किया था. इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच तेज हुई और अब निलंबन की कार्रवाई सामने आई है.

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अब आगे की जांच पर टिकी निगाहें

हालांकि सचिव के निलंबन के बाद भी कई सवाल बाकी हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकारी निर्माण निजी भूमि पर कराया गया और नियमों का उल्लंघन हुआ, तो इसकी जिम्मेदारी तय कर संबंधित अन्य अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. ग्रामीणों ने मांग की है कि उस समय की तकनीकी स्वीकृति, कार्यों की निगरानी और भुगतान प्रक्रिया में शामिल अन्य जिम्मेदार अधिकारियों तथा संबंधित पक्षों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच हो.

जनहित के मुद्दों पर विस्तार न्यूज़ की मुहिम जारी

विस्तार न्यूज़ ने एक बार फिर साबित किया है कि तथ्य आधारित और जिम्मेदार पत्रकारिता जनहित के मुद्दों को प्रशासन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन सकती है. ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि पंचायतों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.

अब निगाहें अगली कार्रवाई पर

सचिव के निलंबन के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जांच का दायरा आगे बढ़ेगा? क्या निर्माण कार्यों को स्वीकृति देने वाले अन्य जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित पक्षों की भूमिका भी जांच के दायरे में आएगी? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में प्रशासनिक कार्रवाई की दिशा तय करेंगे.

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