रीवा संभाग के अलग-अलग शहरों में बीते 2 दिनों से मूसलाधार बारिश का दौर जारी है. रीवा जिले में सवा सात इंच से अधिक (187 मिमी) बारिश दर्ज किए जाने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि एक दशक पहले ऐसी विनाशकारी बारिश हुई है. अब 10 साल बाद इतिहास ने खुद को दोहराया है. शहर की सड़कें, बाजार, घर, सरकारी दफ्तर सब जलमग्न हो चुके हैं.
लगातार जारी है बारिश
लगातार जारी बारिश के कारण तमाम प्रमुख नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे न केवल ग्रामीण अंचलों में बल्कि शहरी बस्तियों में भी गंभीर जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई है. जिले में इस मानसून सत्र का कुल बारिश का आंकड़ा 426.8 मिमी तक पहुंच गया है.तेज जल आवक को देखते हुए बाणसागर को छोड़कर क्षेत्र के लगभग सभी छोटे-बड़े जलाशय लबालब भर चुके हैं. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बीहर नदी के सभी 18 गेट खोल दिए गए हैं.
तराई क्षेत्र के गांवों में पानी
लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण तराई क्षेत्र की दो दर्जन से अधिक पंचायतों के 50 गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया है. रीवा और पड़ोसी मऊगंज जिले के 400 से अधिक गांव इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आए हैं. वहीं करीब 2200 लोगों को राहत शिविर में पहुंचाया गया है.
बारिश का दौर रहेगा जारी
मौसम केंद्र ने चेतावनी दी है कि अगले पांच दिनों तक क्षेत्र में रुक-रुक कर बारिश का यह दौर जारी रहेगा. ऐसे में प्रशासन और आपदा राहत टीमों के लिए जलभराव से निपटना बड़ी चुनौती बना हुआ है. लगातार हो रही बारिश और बिजली के खंभों को पहुंचे नुकसान के कारण कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है.
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