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जेल में बंद महिला कैदी बनेंगी ब्यूटीशियन… सलाखों के पीछे पूरा हुआ सपना, मिली प्रोपर ट्रेनिंग

satna central jail

सतना सेंट्रल जेल

सतना: जेल में बंद महिला कैदियों की सजा खत्म होते ही उनके पास रोजगार होगा और वह आत्मनिर्भर बन जाएंगी. लेकिन आप सोच रहे होंगे कि आखिर ये होगा कैसे? तो चलिए जानते हैं. जिन हाथों में अभी हथकड़ी लगी हुई हैं रिहाई के बाद उन हाथों में खुद की कमाई होगी. दरअसल, सतना केंद्रीय जेल में सजा काट रहीं महिला बंदियों को 17 दिनों तक ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें उन्होंने फेशियल, थ्रेडिंग, हेयर स्टाइलिंग, वैक्सिंग और नेल आर्ट जैसी कई चीजें सिखाई गई है.

अपना खुद का बिजनेस कर सकती हैं शुरू

अब जेल से बाहर निकलने के बाद ये महिलाएं अपना खुद का बिजनेस शुरू कर सकती है. ब्यूटीपार्लर खोल सकती हैं और आत्मनिर्भर बनकर पैसे कमा सकती हैं. ये महिलाएं पहले सिलाई, कढ़ाई और बनाई सीख रही थी अब इन सभी को ब्यूटी पार्लर की ट्रेनिंग दी गई है. जेल अधीक्षक लीना कोष्टा ने लोकल 18 से बताचीत के दौरान बताया है कि वर्तमान में जेल में 61 महिला बंदी हैं, जिनमें से 20 महिलाओं को इस बार निशुल्क ब्यूटी पार्लर का काम सीखने का मौका मिला. यह प्रशिक्षण 7 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक आयोजित किया गया.

प्रतिमा तिवारी ने दी ट्रेनिंग

इसे मनीष ब्यूटी प्लाजा की संचालिका प्रतिमा तिवारी, उनके पति मनीष तिवारी और उनकी टीम ने पूरा कराया. इस प्रसिक्षण के महिला कैदियों को ब्यूटीपार्लर से जुड़ी कई चीजें सिखाई गई. इसमें थ्रेडिंग, मेकअप, फेशियल, हेयर कटिंग, हेयर स्टाइलिंग, वैक्सिंग, नेल आर्ट जैसे कई हुनर शामिल रहे. महिलाओं को केवल काम समझाया ही नहीं गया बल्कि हर तकनीक की लगातार प्रैक्टिस भी कराई गई.

प्रशिक्षण लेने वाली महिला कैदियों में धारा 302 के तहत सजा काट रही दीपा सिंह ने कहा है कि उन्हें पहले से ही ब्यूटी पार्लर के काम में दिलचस्पी थी लेकिन जेल आने से पहले वह इसे सीख नहीं पाई थीं. अब 17 दिनों के प्रशिक्षण में उन्होंने थ्रेडिंग और फेशियल करना अच्छी तरह सीख लिया है. इसके अलावा वैक्सिंग और हेयर स्टाइलिंग का काम भी करना सीख रही हैं.

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