Satna News: सतना जिले के रैगांव में सांदीपनि विद्यालय में पदस्थ टीचर महीप सिंह को निलंबित कर दिया गया है. शिक्षा विभाग ने इस कार्रवाई के बारे में आदेश जारी कर जानकारी दी है. शिक्षक पर आरोप है कि उन्होंने एक साल में केवल 40 बार ही ई-अटेंडेंस लगाई. शिक्षा विभाग ने इसे शासकीय ड्यूटी में गंभीर लापरवाही एवं उदासीनता मानते हुए एक्शन लिया है.
हर महीने औसतन 4 दिन उपस्थिति
आदेश में बताया गया है कि रैगांव के सांदीपनि स्कूल का ‘जन विश्वास अभियान’ कार्यक्रम के तहत 14 अगस्त 2026 को आकस्मिक निरीक्षण किया गया तो शिक्षक महीप सिंह अनुपस्थित मिले. इसके साथ ही उन्होंने इस दिन की ई-अटेंडेंस भी दर्ज नहीं कराई थी. उपस्थिति रजिस्टर में भी टीचर की उपस्थिति में अनियमितता पायी गई. रजिस्टर की जांच में पाया गया कि उनके नाम के सामने ओडी, अनुपस्थित या एल लिखा हुआ था. इस तरह वे औसतन 4 दिन ही हर महीने विद्यालय आए.
किन नियमों के तहत की गई कार्रवाई?
इस ऑर्डर में कहा गया कि शिक्षक का ये व्यवहार मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के विपरीत गंभीर कदाचार और शासकीय सेवक के आचरण नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में आता है. मप्र सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9(एक)(क) के तहत तत्काल निलंबन की कार्रवाई की गई है. निलंबन के दौरान शिक्षक महीप सिंह को सतना जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय भेज दिया गया है. इस दौरान उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता मिलता रहेगा.
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ई-अटेंडेंस लगाना अनिवार्य
राज्य सरकार ने शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेंस अनिवार्य की है. उपस्थिति दर्ज ना कराने वाले शिक्षकों को अनुपस्थित माना जाएगा. इसके साथ ही नियमों का पालन ना करने वाले टीचर्स पर कार्रवाई भी की जाएगी. अब इस संबंध दूसरी निलंबन की कार्रवाई की गई है. जहां सरकार ई-अटेंडेंस पर जोर दे रही है. वहीं शिक्षक नेटवर्क और दूसरी समस्याओं को लेकर मांग कर रहे हैं कि इसे लागू नहीं किया जाना चाहिए. दूर-दराज के इलाकों में उपस्थिति दर्ज कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
