9th Student Issues OPD Slips: मध्य प्रदेश के सतना जिले से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य विभाग की पोल खोल कर रख दी. यहां पर ओपीडी काउंटर में कर्मचारी की जगह पर कक्षा 9वीं का छात्र पर्ची काटते पकड़ा गया. जिसका किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे. इसके साथ ही लोगों ने पूछा कि क्या अब स्वास्थ्य केंद्र में कर्मचारियों की इतनी कमी हो गई है कि नाबालिगों के काम कराना पड़ रहा है.
जानकारी के अनुसार, यह वीडियो मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है, जहां प्रतिदिन करीब 200 से 300 कर्मचारी इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते हैं. मरीजों को इलाज से पहले एक ओपीडी पर्ची बनवानी पड़ती है. जिसमें नाम, उम्र और बीमारी के बारे में जानकारी दी जाती है. जिसका अस्पताल द्वारा 10 रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क लिया जाता है. ओपीडी पर्ची को बनाने के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति की जाती है, लेकिन मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक नाबालिग पर्ची काटते देखा गया.
"अब मचा बवाल" कर्मचारी के बदले स्वास्थ्य केंद्र में काम कर रहा था 9वीं क्लास का बच्चा, बच्चे को देखकर मरीज रह गए सन्न !!
— MANOJ SHARMA LUCKNOW UP🇮🇳🇮🇳🇮🇳 (@ManojSh28986262) June 17, 2026
मध्य प्रदेश के सतना जिले के मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है !!
जहां 9वीं कक्षा में पढ़ने… pic.twitter.com/fwaFtY3c1J
पिता की जगह पर नाबालिग बेटे ने काटी पर्ची
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं. जानकारी के अनुसार, वीडियो में जो नाबालिग पर्ची काटते हुए दिखाई दे रहा है. उसके पिता अस्पताल में मल्टी स्किल कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं. पिता की जगह पर नाबालिग से काम कराने लगे. आसपास के लोगों ने बताया कि यह कोई पहली बार नहीं है, जब नाबालिग को बैठाया गया है. बल्कि नियमित रूप से काम कराया जा रहा है. यह मामला बाल श्रम और मरीजों की गोपनीय जानकारी की सुरक्षा से भी जुड़ा माना जा रहा है.
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मरीजों की गंभीरता को देखते हुए पंजीयन जरूरी थाः BMO
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ डॉ. रूपेश सोनी ने वीडियो वायरल होने के बाद सफाई देते हुए कहा, जिस समय का यह वीडियो है. उस दौरान ड्यूटी पर तैनात निजी कर्मचारी की ड्यूटी चित्रकूट मेले में लग गई. इसी बीच अस्पतालों में मरीजों की काफी भीड़ बढ़ गई, जिसमें कुछ गंभीर मरीज भी शामिल रहे. ऐसे में मरीजों का पंजीयन जरूरी था. इसलिए अस्थायी तौर पर बच्चे ने पर्ची बनाई.
