Mauganj News: मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में सरकारी सेवा के दौरान एक पशु चिकित्सक के साथ कथित अभद्रता और धमकी का मामला सामने आया है. आरोप है कि शासन द्वारा निर्धारित मात्र 150 रुपये की सरकारी उपचार शुल्क मांगने पर विवाद इतना बढ़ गया कि डॉक्टर का रास्ता रोककर गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई. इस घटना ने सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
150 रुपये की फीस पर सड़क पर हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, पशु चिकित्सक डॉ. के.के. गुप्ता गौवंश का उपचार करने गांव पहुंचे थे. उपचार पूरा करने के बाद लौटते समय उन्होंने शासन द्वारा निर्धारित 150 रुपये की फीस मांगी. आरोप है कि इसी बात से नाराज दो लोगों ने बीच रास्ते में उन्हें रोक लिया, अभद्र भाषा का प्रयोग किया और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी. हालात बिगड़ते देख डॉक्टर किसी तरह वहां से अपनी जान बचाकर निकले.
शिकायत के बाद भी नहीं थमी धमकियां
घटना के बाद डॉ. गुप्ता ने संबंधित पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दर्ज कराई. उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद आरोपियों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई. इतना ही नहीं, उन्हें लगातार फोन पर धमकियां भी मिल रही हैं, जिससे वह भय और असुरक्षा के माहौल में काम करने को मजबूर हैं.
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
यदि शिकायत दर्ज होने के बाद भी पीड़ित सरकारी कर्मचारी को सुरक्षा नहीं मिल रही है, तो कानून-व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों में तत्काल और सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो असामाजिक तत्वों के हौसले और बुलंद होंगे तथा सरकारी कर्मचारियों का मनोबल टूटेगा.
अब कार्रवाई या सिर्फ औपचारिकता?
यह मामला अब केवल एक पशु चिकित्सक के साथ अभद्रता तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा और पुलिस की जवाबदेही का मुद्दा बन चुका है. फिलहाल पुलिस की ओर से आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है. हालांकि, आरोपों की निष्पक्ष जांच और पुलिस का आधिकारिक पक्ष आना अभी शेष है. अब देखना होगा कि पुलिस सख्त कदम उठाती है या यह मामला भी सरकारी फाइलों में दबकर रह जाएगा.
